उन्नाव: थाना माखी क्षेत्र के रुपऊ गांव में दो भाइयों के बीच जमीन बंटवारे को लेकर चल रहा विवाद अब जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंच गया है। बताया जा रहा है कि जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के बंटवारे को लेकर परिवार में लंबे समय से विवाद चल रहा है। इसी मामले में विजय शंकर पिछले दो दिनों से जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन पर बैठे थे। आरोप है कि पुलिस ने अनशन समाप्त कराने का प्रयास किया और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
मामले में विजय शंकर की बेटी रागिनी उर्फ पूजा भी अपने पिता के समर्थन में सामने आई हैं। उनका आरोप है कि परिवार के जमीन विवाद में उनके चाचा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। वहीं, पुलिस की ओर से संबंधित मामले में धारा 506 के तहत मुकदमा दर्ज कर प्रकरण को न्यायालय भेजे जाने की बात सामने आई है। हालांकि, पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
अस्पताल में भर्ती पिता को लेकर बेटी और पुलिस के बीच भी स्थिति तनावपूर्ण बताई जा रही है। रागिनी का कहना है कि वह अपने पिता को अस्पताल से लेकर दोबारा जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचना चाहती हैं, ताकि उनका आमरण अनशन फिर शुरू कराया जा सके। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि अनशनकारी को फिलहाल अस्पताल से ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है और उनकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकीय निगरानी जरूरी है।
जमीन के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ यह पारिवारिक विवाद अब प्रशासन और पुलिस के लिए भी चुनौती बन गया है। परिवार अपनी मांगों पर कार्रवाई चाहता है, जबकि प्रशासन पूरे मामले को कानून के दायरे में सुलझाने की बात कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद विवाद का समाधान किस तरह निकलता है और परिवार को कब राहत मिलती है।






