हाथरस। सीबीएसई बोर्ड विद्यालयों में शिक्षण की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए समय-समय पर शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहता है। इसी क्रम में सीबीएसई के नोएडा स्थित उत्कृष्टता केंद्र की ओर से बदायूं के दातागंज स्थित ब्लूमिंग डेल स्कूल में शिक्षकों के लिए ‘तनाव प्रबंधन’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में हाथरस के सुप्रसिद्ध शिक्षाविद एवं गणितज्ञ विक्रम सिंह को रिसोर्स पर्सन के रूप में आमंत्रित किया गया।
कार्यशाला के दौरान विक्रम सिंह ने सीबीएसई के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप शिक्षकों को तनाव के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विषय को रोचक और समझने में आसान बनाने के लिए कंप्यूटर स्लाइड्स के साथ ऑडियो और वीडियो क्लिप का भी इस्तेमाल किया गया। पूरे प्रशिक्षण को सात प्रमुख उपविषयों में बांटकर तनाव की परिभाषा, उसके प्रकार और दैनिक जीवन में इसके प्रभावों को उदाहरणों के साथ समझाया गया।
प्रशिक्षण के दौरान तनाव के प्रमुख कारणों और उससे निपटने के उपायों पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों को तनाव के स्रोतों की पहचान करने, समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजने और मानसिक दबाव को नियंत्रित करने के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष चर्चा करते हुए यह भी बताया गया कि बच्चों को समझने और उनकी परेशानियों को पहचानने में अभिभावकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला में दातागंज और बदायूं के विभिन्न विद्यालयों से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपने अनुभव भी साझा किए। कार्यशाला के समापन पर शिक्षाविद विक्रम सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए स्कूल और अभिभावकों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि सीबीएसई की इस पहल से शिक्षकों को तनाव प्रबंधन के साथ-साथ विद्यार्थियों की मानसिक और भावनात्मक जरूरतों को समझने में भी मदद मिलेगी।






