संतकबीरनगर, 11 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को मान्यवर कांशीराम स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित जनसभा के दौरान संतकबीरनगर को 684 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 201 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। इनमें खलीलाबाद विधानसभा क्षेत्र की 116 और मेंहदावल क्षेत्र की 85 परियोजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को चेक, लैपटॉप और प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि संतकबीर की धरती सामाजिक समरसता और आडंबर-विरोध की प्रेरणा देती है और विकास के जरिए आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता और भय का माहौल था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार में व्यापारी, युवा और आम नागरिक सुरक्षित माहौल में काम कर रहे हैं। योगी ने कानून-व्यवस्था में सुधार और विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियों के तौर पर गिनाया। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के साथ सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता दे रही है तथा किसी भी क्षेत्र को विकास से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।
जनसभा में मुख्यमंत्री ने बाबा तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर को भव्य स्वरूप देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर के विकास के दौरान किसी के हितों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। इसके साथ ही बाबा बैजूनाथ धाम मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा। मुख्यमंत्री ने संतकबीरनगर में भविष्य में विकास प्राधिकरण बनाए जाने और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत जिले को शामिल करने की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने शिक्षा, चिकित्सा, सड़क, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के क्षेत्र में आगे भी विकास कार्य जारी रखने का भरोसा दिलाया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पात्र लोगों तक बिना भेदभाव सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उद्योग, एनआरएलएम और कृषि समेत विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक, लैपटॉप और प्रमाण-पत्र दिए गए। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम, विधायक अंकुर राज तिवारी, विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी, विधायक गणेश चंद्र चौहान, विधान परिषद सदस्य सुभाष यदुवंश समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, लाभार्थी, कार्यकर्ता और अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।






