विधानसभा चुनाव की आहट के साथ श्रावस्ती में सियासी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं। भाजपा, सपा, कांग्रेस और बसपा समेत प्रमुख राजनीतिक दलों में टिकट के संभावित दावेदार सक्रिय हो गए हैं। कई नेता क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क कर मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं। गांव से लेकर शहर तक चौक-चौराहों और प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग-बैनर नजर आने लगे हैं। भाजपा में मौजूदा विधायक रामफेरन पांडेय लगातार दूसरी बार विधानसभा पहुंचने के बाद टिकट के प्रमुख दावेदारों में माने जा रहे हैं। उनके साथ उनकी पत्नी मिथिलेश पांडेय, शंकर दयाल पांडेय और भाजपा जिला उपाध्यक्ष पूजा पांडेय के नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं।
वहीं, कांग्रेस छोड़कर बसपा में शामिल हुए नसीम चौधरी और कुंवर सिंह पटेल भी टिकट की दौड़ में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पूर्व विधायक असलम रैनी सपा से टिकट हासिल करने के लिए जोर लगा रहे हैं। सपा में डॉ. आरके मिश्रा समेत कई अन्य नेताओं के नाम भी संभावित दावेदारों के तौर पर सामने आ रहे हैं। बसपा में विनोद त्रिपाठी भी टिकट के संभावित दावेदारों में चर्चा में हैं। दूसरी ओर कांग्रेस में जिलाध्यक्ष विष्णुमणि त्रिपाठी, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह और एहसान चौधरी जैसे नेता टिकट की दौड़ में बताए जा रहे हैं।
जनसंपर्क से लेकर बैनर-होर्डिंग तक बढ़ी सक्रियता
चुनाव में अभी समय होने के बावजूद संभावित प्रत्याशियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ा दिया है। गांवों में लोगों से मुलाकात, स्थानीय कार्यक्रमों में भागीदारी और सामाजिक गतिविधियों में सक्रियता के जरिए दावेदार अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जगह-जगह लगे बैनर और होर्डिंग भी चुनावी माहौल बनने के संकेत दे रहे हैं। टिकट को लेकर राजनीतिक दलों के भीतर चल रही कवायद के बीच दावेदारों की बढ़ती सक्रियता ने श्रावस्ती का सियासी तापमान बढ़ा दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि चुनावी मैदान तैयार होने के बाद प्रमुख दल किस चेहरे पर अपना भरोसा जताते हैं और टिकट की इस दौड़ में कौन बाजी मारता है।
रिपोर्ट: मनीष श्रीवास्तव






















