बुढ़िया माई के आंगन में चल रहे चातुर्मास यज्ञ का आज समापन हो गया। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने धार्मिक अनुष्ठान में भाग लेकर पुण्य अर्जित किया। पूरे आयोजन के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा।
वैदिक विद्वानों के अनुसार, यज्ञ के समापन के अवसर पर हुई बारिश को भगवान इंद्र की प्रसन्नता का संकेत माना गया। वर्षा की बूंदों ने इस धार्मिक आयोजन के माहौल को और भी विशेष बना दिया।
इस अवसर पर पूज्य महाराज श्री ने कहा कि प्रकृति की प्रसन्नता परमात्मा के प्रसन्न होने का संकेत है। उन्होंने प्रकृति और परमात्मा के बीच के संबंध को रेखांकित करते हुए श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।
चातुर्मास यज्ञ के समापन पर पीठ से जुड़े धर्मानुरागी शिष्यों ने उपस्थित रहकर धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया और पुण्यार्जन किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।





















