2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’
INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप; SIR, मतदाता सूची, EVM-VVPAT और CEC ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विपक्ष की साझा रणनीति
नई दिल्ली। INDIA ब्लॉक की बुधवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में हुई बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर देशव्यापी अभियान चलाने का फैसला किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्षी दल 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकालेंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के खिलाफ 6 अक्टूबर को भी विपक्षी सांसद प्रदर्शन करेंगे।
खड़गे ने चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह चुनाव आयोग को अपने प्रभाव में इस्तेमाल कर रहे हैं। खड़गे ने चुनाव आयोग को ‘कठपुतली’ बताए जाने वाला आरोप भी दोहराया। ये आरोप कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से लगाए गए हैं; चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष इन आरोपों से अलग है।
SIR और मतदाता सूची पर विपक्ष की आपत्ति
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया, EVM-VVPAT तथा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ाने और किसी वैध मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे सूचना तथा अपील का अवसर देने की मांग रखी।
खड़गे ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से संबंधित पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा स्तर पर उपलब्ध कराई जानी चाहिए। विपक्ष ने SIR से पहले तैयार मतदाता सूची के इस्तेमाल की मांग भी उठाई है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग
INDIA ब्लॉक की बैठक में EVM के स्थान पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी दोहराई गई। विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है। खड़गे ने नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात भी कही।
19 दलों की भागीदारी
कांग्रेस नेता जयराम रमेश के अनुसार बैठक में 19 विपक्षी दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इनमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार), शिवसेना (यूबीटी), आरजेडी, सीपीएम, सीपीआई, नेशनल कॉन्फ्रेंस, पीडीपी, जेएमएम और अन्य दल शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी और डीएमके बैठक में शामिल नहीं हुए। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी बैठक में मौजूद नहीं रहे और उनकी ओर से पार्टी के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य एजेंडा SIR और चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर विपक्ष की आगे की रणनीति तय करना था।
संसद में भी मुद्दा उठाने की तैयारी
विपक्षी दलों की ओर से चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाने की बात भी सामने आई है। इससे पहले कांग्रेस कार्य समिति ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
अब INDIA ब्लॉक की बैठक के बाद विपक्ष ने सड़क से संसद तक इस मुद्दे को उठाने की रणनीति बनाई है। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में प्रस्तावित मार्च और प्रदर्शनों के जरिए विपक्ष अपनी मांगों को सामने रखेगा।





















