352 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया
लखनऊ। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर में मंगलवार सुबह मजदूरों की लेबर कॉलोनी में भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं से घिर गया और करीब दो किलोमीटर दूर तक धुआं दिखाई देने लगा। हादसे में दो मजदूर झुलस गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। राहत की बात यह रही कि आवासीय परिसर में रह रहे करीब 352 मजदूरों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 6:30 बजे मजदूरों के रहने के लिए बनाए गए आवासीय परिसर में लगी। एयरपोर्ट परिसर में टाटा प्रोजेक्ट्स की ओर से मजदूरों के लिए पीवीसी पैनल से तीन मंजिला आवास तैयार किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में मजदूर रह रहे थे।
बताया जा रहा है कि सुबह एक मजदूर सिलेंडर पर खाना बना रहा था, तभी अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें तेजी से पूरे आवासीय परिसर में फैलने लगीं। आग लगते ही मजदूरों में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
आग फैलने से पहले ही अधिकांश मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि अपना सामान बचाने की कोशिश में निर्मल और राहुल नाम के दो मजदूर झुलस गए। दोनों को तत्काल अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की नौ गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की वजह से आवासीय परिसर के ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि ऊपरी हिस्से भी प्रभावित हुए हैं।
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण और इससे हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी में खाना बनाने के दौरान सिलेंडर से आग लगने की बात सामने आई है। संबंधित अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।




















