बहराइच में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की डिजिटल उपस्थिति कम मिलने पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने सख्ती दिखाई है। कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान सितंबर 2026 की ब्लॉकवार डिजिटल उपस्थिति की समीक्षा की गई। तेजवापुर, फखरपुर, बलहा, पयागपुर और जरवल में उपस्थिति बेहद कम मिलने पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए पांचों खंड शिक्षा अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
डीएम ने फखरपुर और तेजवापुर के बीईओ का अग्रिम आदेशों तक वेतन रोकने के साथ प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं, बैठक में डायट प्राचार्य की अनुपस्थिति पर भी जिलाधिकारी ने कड़ा संज्ञान लिया और एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति कम नहीं होनी चाहिए। कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिन्हित कर अधिकारी संबंधित गांवों का भ्रमण करें और अभिभावकों से संवाद कर बच्चों की कम उपस्थिति के कारणों का समाधान कराएं।
समीक्षा बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, मिड-डे-मील और विद्यालयों की अन्य व्यवस्थाओं की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों समेत सभी परिषदीय विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू और मानकों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने को कहा गया। निपुण शिक्षा मिशन के तहत प्रेरणा, दीक्षा, रीड-ए-लॉन्ग और समर्थ एप पर सूचनाएं समय से अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए। वहीं, विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइनों की समीक्षा में बताया गया कि 180 में से 141 विद्यालयों को हाईटेंशन लाइन से मुक्त कराया जा चुका है, जबकि 39 विद्यालयों में काम बाकी है।
जिलाधिकारी ने आवासीय और अनावासीय विद्यालयों के निर्माण कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बीईओ को शिक्षकों और छात्र-छात्राओं से संवाद करने तथा उनसे गणित, अंग्रेजी और बुनियादी सवाल पूछकर शैक्षिक गुणवत्ता का आकलन करने को कहा गया। गुणवत्ता जांच के लिए नोडल अधिकारी और तकनीकी दल गठित करने के भी निर्देश दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।





















