सुल्तानपुर के दुबेपुर और भदैया क्षेत्र में कुछ लोगों पर पत्रकारिता की पहचान का कथित तौर पर दुरुपयोग करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। दावा है कि ऐसे लोग सुबह-सुबह खेत-खलिहान और बाग-बगीचों में पहुंचकर पेड़ कटान और अवैध खनन से जुड़े मामलों का हवाला देते हैं। आरोप है कि पत्रकार होने की धौंस दिखाकर 100-200 रुपये लेकर मामला खत्म करने की बात कही जाती है।
स्थानीय स्तर पर यह भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि जिन लोगों के बीच ये कथित पत्रकार घूमते हैं, उन्हें उनके समाचार संस्थान या न्यूज चैनल की स्पष्ट जानकारी तक नहीं होती। आरोप लगाने वालों का कहना है कि कई मामलों में न तो संस्थान की पहचान स्पष्ट होती है और न ही यह पता चलता है कि संबंधित व्यक्ति किस मीडिया संगठन के लिए काम करता है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पत्रकारिता का मूल उद्देश्य जनता से जुड़े मुद्दों को सामने लाना, प्रशासन का ध्यान समस्याओं की ओर आकर्षित करना और गलत गतिविधियों पर सवाल उठाना है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति पत्रकारिता की पहचान का इस्तेमाल निजी लाभ या कथित वसूली के लिए करता है, तो इससे न केवल पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि ईमानदारी से काम कर रहे पत्रकारों की छवि पर भी असर पड़ता है।
अवैध पेड़ कटान या खनन की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देकर कार्रवाई की मांग की जा सकती है। ऐसे मामलों में यह भी जरूरी है कि पत्रकार होने का दावा करने वाले व्यक्ति की संस्था और पहचान स्पष्ट हो। दुबेपुर और भदैया क्षेत्र में लगाए जा रहे इन आरोपों की निष्पक्ष जांच से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सकेगी।





















