अयोध्या। दुर्गा पूजा और रामलीला को देखते हुए अयोध्या नगर निगम ने शहर के प्रमुख मंदिरों और रामलीला स्थलों पर साफ-सफाई, रोशनी और श्रद्धालुओं की सुविधाएं बेहतर बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। शनिवार सुबह महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूरी कराने के निर्देश दिए, ताकि पर्व के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
महापौर सुबह करीब आठ बजे बड़ी देवकाली मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने तालाब के फुटपाथ और श्रद्धालुओं के आने-जाने वाले रास्तों की सफाई, काई हटाने, चूने का छिड़काव और प्रकाश व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कुंड की सफाई कराने को भी कहा गया। मंदिर के सामने खोदी गई गली में गंदा पानी बहता देखकर महापौर ने नाराजगी जताई और अधूरा निर्माण छोड़ने वाले ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद फतेहगंज मार्ग पर रामलीला मैदान जाते समय अधूरी नाली का निर्माण भी सामने आया। नगर आयुक्त ने रास्ते से मिट्टी हटवाकर उसे आवागमन योग्य बनाने को कहा।
वजीरगंज स्थित रामलीला मैदान में निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों की मांग पर महापौर ने वाटर कूलर और हैंडपंप लगवाने के निर्देश दिए। छावनी जाने वाले मार्ग पर जलभराव की समस्या को देखते हुए सड़क ऊंची करने के लिए एस्टीमेट तैयार कराने को कहा। इसके बाद महापौर अधिकारियों और स्थानीय पार्षद सलीम के साथ हैदरगंज मार्ग पर नाले तक पहुंचे। यहां नाले के किनारे मिट्टी की पटाई और क्षतिग्रस्त गली की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए। स्थानीय लोगों ने भारी वाहनों के आवागमन से गली खराब होने की समस्या भी उठाई, जिस पर महापौर ने जरूरी कार्य जल्द पूरा कराने को कहा।
निरीक्षण के अंतिम चरण में महापौर पाटेश्वरी मंदिर पहुंचे और दर्शन-पूजन के बाद परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पार्षद प्रतिनिधि अजय पांडेय के आग्रह पर उन्होंने मंदिर में लाइटिंग, बच्चों के लिए झूला और परिसर में ओपन जिम की व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। कुंड के सौंदर्यीकरण का भी भरोसा दिलाया। नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय के मुताबिक, महापौर ने मछली मंडी में साइन बोर्ड लगाने, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने और शौचालय निर्माण के संबंध में भी निर्देश दिए हैं। अब इन निर्देशों पर अमल होने से पर्व के दौरान मंदिरों और आसपास के इलाकों में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।





















