लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वे देश में अव्यवस्था और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने पर कांग्रेस ईवीएम और चुनाव आयोग को दोषी ठहराती है, जबकि जीत मिलने पर इसे अपना पुरुषार्थ बताती है।
सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कई दिनों से दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के विरोध प्रदर्शनों के जरिए आम लोगों को परेशानी हो रही है। उनके मुताबिक, विपक्षी दल संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। योगी ने कहा कि देश की जनता उनके इस व्यवहार को देख रही है।
चुनाव हारने पर ईवीएम पर उठाते हैं सवाल
सीएम योगी ने कहा कि चुनाव जीतने पर कांग्रेस अपनी सफलता का श्रेय लेती है, लेकिन हारने पर ईवीएम और चुनाव आयोग को जिम्मेदार ठहराती है। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायालय के फैसलों पर भी सवाल उठाए जाते हैं और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयानबाजी की जाती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों से अपने राजनीतिक व्यवहार पर विचार करने की अपील की।
योगी बोले- कांग्रेस नेतृत्व में बदलाव की जरूरत
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को यह समझना चाहिए कि जनता बार-बार उसे क्यों नकार रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस 1985 के बाद से सत्ता में वापसी नहीं कर पाई है। योगी के मुताबिक, प्रदेश की जनता ने करीब 41 वर्ष पहले ही कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था।
उन्होंने दावा किया कि देश के अन्य राज्यों में भी कांग्रेस के प्रति लोगों का भरोसा कम हुआ है। मुख्यमंत्री ने पार्टी नेताओं से अपने नेतृत्व में बदलाव करने और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर जिम्मेदार व्यवहार अपनाने को कहा।
अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी जनता: योगी
सीएम योगी ने कहा कि भारत की जनता लोकतांत्रिक रूप से जागरूक है और वह अराजकता को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने अपने कथित असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कार्यों को बंद नहीं किया, तो उन्हें अपना बचा हुआ जनाधार भी खोना पड़ सकता है।
मुख्यमंत्री के इन बयानों के बीच दिल्ली में विपक्षी दलों की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन और सुप्रीम कोर्ट तक मार्च की तैयारी चर्चा में है।





















