राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में नियुक्तियों की घोषणा की; ओम प्रकाश माथुर को केरल और सुधा यादव को कर्नाटक की जिम्मेदारी
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल की घोषणा की। इसके तहत केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, कर्नाटक, उत्तराखंड और सिक्किम में नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम और ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की विज्ञप्ति के अनुसार, नियुक्तियां संबंधित राज्यपालों के कार्यभार संभालने के साथ प्रभावी होंगी।
जारी जानकारी के मुताबिक, राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु, ब्रज मोहन राम को ओडिशा, डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक और डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
आर्लेकर को तमिलनाडु की नियमित जिम्मेदारी
राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर पहले केरल के राज्यपाल रह चुके हैं। मार्च में आरएन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद आर्लेकर को तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। अब उन्हें तमिलनाडु का नियमित राज्यपाल बनाया गया है। वह गोवा विधानसभा के अध्यक्ष रहने के अलावा हिमाचल प्रदेश और बिहार के राज्यपाल की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
ओम प्रकाश माथुर को केरल भेजा गया
ओम प्रकाश माथुर जुलाई 2024 से सिक्किम के राज्यपाल के रूप में कार्यरत थे। भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे माथुर राज्यसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। अब उन्हें केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
सुधा यादव और ढाल सिंह बिसेन को भी जिम्मेदारी
डॉ. सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से भाजपा की पूर्व सांसद रह चुकी हैं। वह राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सदस्य के रूप में भी काम कर चुकी हैं। उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट से पूर्व लोकसभा सांसद हैं। उन्हें उत्तराखंड का राज्यपाल बनाया गया है। वहीं, ब्रज मोहन राम झारखंड के पलामू से पूर्व लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उन्हें ओडिशा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दुष्यंत गौतम को सिक्किम की कमान
भाजपा के वरिष्ठ नेता दुष्यंत गौतम पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों के साथ छह राज्यों के राजभवनों में नेतृत्व परिवर्तन होगा। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, संबंधित राज्यपालों के कार्यभार संभालने के साथ नई नियुक्तियां प्रभावी होंगी।





















