छात्रा बोली- प्राइवेट पार्ट पर मारी लात
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को अपने आवास के बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर NSUI से जुड़े छात्र-छात्राओं और कंटेंट क्रिएटर्स के साथ पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस पर मारपीट, दुर्व्यवहार और हिरासत में लेने के दौरान नियमों की अनदेखी करने के गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शनों में शामिल थे। विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक ने इन मुद्दों पर अब तक पांच प्रदर्शन किए हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों से कथित पुलिस कार्रवाई के वीडियो और अन्य साक्ष्य सुरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन सबूतों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। राहुल ने कहा कि देश की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है और इस मामले में पुलिसकर्मियों से लेकर अन्य जिम्मेदार लोगों तक की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
छात्रा ने मारपीट और सुनने की क्षमता प्रभावित होने का लगाया आरोप
केरल की रहने वाली और दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा अदिरा ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान बस में महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी को लेकर सवाल उठाने पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनके मुताबिक, बस कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन के सामने रुकी, जहां पुलिसकर्मियों ने उनके चेहरे पर कई बार मुक्के मारे। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में उनकी आंख और कान को चोट पहुंची तथा एक कान से सुनने की क्षमता प्रभावित हुई।
राहुल गांधी ने भी अदिरा की चोट का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें एक कान से सुनने में परेशानी हो रही है। हालांकि, चोटों की प्रकृति और उनकी वजह की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
ऋतु बराला ने चेहरे पर खरोंचने का आरोप लगाया
NSUI से जुड़ी प्रदर्शनकारी ऋतु बराला ने दावा किया कि 13 अक्टूबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को तीन बसों में हिरासत में लिया गया। उनके अनुसार, प्रत्येक बस में करीब 30 से 40 लोग थे। ऋतु ने आरोप लगाया कि बस से बाहर निकलने और प्रदर्शन जारी रखने की कोशिश के दौरान महिला पुलिसकर्मियों के साथ झड़प हुई और उनका चेहरा नाखूनों से खरोंच दिया गया।
कंटेंट क्रिएटर ने पुलिस पर पिटाई का आरोप लगाया
कंटेंट क्रिएटर रमित ने आरोप लगाया कि 11 अक्टूबर को कनॉट प्लेस में प्रदर्शन की कवरेज के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया। उनका दावा है कि कुछ लोगों के कहने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को पकड़ा और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने फोन छीने जाने और मौके पर महिला पुलिस अधिकारियों की अनुपस्थिति का भी आरोप लगाया।
वहीं, प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें लात-घूंसों और थप्पड़ों से पीटा। उन्होंने एक पुलिसकर्मी पर धमकाने का आरोप भी लगाया।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध कर रहे हैं। राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों के आरोपों और उनके पास मौजूद साक्ष्यों को सार्वजनिक चर्चा का विषय बनाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल, प्रदर्शनकारियों की ओर से लगाए गए आरोपों पर दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है। आरोपों की निष्पक्ष जांच के बाद ही घटनाओं की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





















