चंदौली में अक्टूबर से रबी अभियान शुरू होने के साथ ही कृषि विभाग ने किसानों के लिए बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की तैयारी की है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव के अनुसार, शासन ने जिले के लिए बीज और उर्वरकों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। किसानों को विभिन्न रबी फसलों के बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेंगे। वहीं, उर्वरकों की खरीद निर्धारित नियमों के तहत फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से की जा सकेगी।
कृषि विभाग ने जिले में गेहूं की खेती के लिए 1,02,908 हेक्टेयर, चना के लिए 3,502 हेक्टेयर, मटर के लिए 1,680 हेक्टेयर और मसूर के लिए 2,702 हेक्टेयर क्षेत्रफल का लक्ष्य रखा है। इसके सापेक्ष गेहूं का 10,251 कुंतल, चना का 286.24 कुंतल, मटर का 7.40 कुंतल, मसूर का 120.04 कुंतल और सरसों का 31 कुंतल बीज आवंटित किया गया है। विभाग का कहना है कि राजकीय बीज गोदामों पर इन बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है।
ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले किसानों को प्राथमिकता
किसानों के लिए गेहूं की DBW-327, DBW-303 और DBW-222, चना की RVG-204 और BG-3062, मटर की HFP-1428, मसूर की L-4729 और सरसों की गिरिराज किस्म उपलब्ध कराई गई है। जिन किसानों ने ऑनलाइन बुकिंग कराई है और जिनकी बुकिंग की पुष्टि हो चुकी है, वे संबंधित राजकीय बीज गोदाम पहुंचकर 50 प्रतिशत अनुदान पर बीज प्राप्त कर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय से बुवाई की तैयारी पूरी करें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।
उर्वरकों की उपलब्धता को लेकर कृषि विभाग का दावा
जिला कृषि अधिकारी के मुताबिक, रबी सीजन के लिए यूरिया का 38,234 मीट्रिक टन, डीएपी का 13,909 मीट्रिक टन, एमओपी का 579 मीट्रिक टन, एनपीके का 2,558 मीट्रिक टन और एसएसपी का 5,032 मीट्रिक टन लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले अब तक यूरिया की 16,610 मीट्रिक टन, डीएपी की 8,924 मीट्रिक टन, एमओपी की 335 मीट्रिक टन, एनपीके की 3,349 मीट्रिक टन और एसएसपी की 8,213 मीट्रिक टन उपलब्धता बताई गई है। विभाग ने किसानों से अपने क्षेत्रफल के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से नियमानुसार उर्वरक खरीदने की अपील की है।





















