अयोध्या की धार्मिक और पर्यटन संबंधी जरूरतों को देखते हुए नगर निगम का मासिक बजट तीन गुना बढ़ाने की मांग उठी है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने 14 अक्टूबर को लखनऊ के ताज होटल में आयोजित छठवें राज्य वित्त आयोग की समिति के समक्ष यह प्रस्ताव रखा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि अयोध्या में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में बेहतर सफाई, पेयजल, प्रकाश और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम को अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत है। महापौर के मुताबिक, पंचम राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों के तहत अयोध्या को पर्याप्त धनराशि नहीं मिल पा रही है, जबकि शहर की आवश्यकताएं लगातार बढ़ रही हैं।
महापौर ने बताया कि अयोध्या में प्रतिदिन करीब एक लाख श्रद्धालुओं और सालाना चार करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन होता है। मकर संक्रांति, चैत्र रामनवमी, सावन झूला, दीपोत्सव, विभिन्न परिक्रमा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे आयोजनों के दौरान एक दिन में 40 से 50 लाख तक श्रद्धालुओं के पहुंचने की बात भी उन्होंने आयोग के सामने रखी। इन अवसरों पर सफाई, पेयजल, प्रकाश, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए विशेष इंतजाम करने पड़ते हैं। महापौर ने धार्मिक आयोजनों और मेलों के लिए अलग से बजट आवंटित करने का आग्रह किया, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और नगर निगम पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च संभाला जा सके।
नगर निगम की वित्तीय जरूरतों में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का रखरखाव भी शामिल है। महापौर ने बताया कि शहर में तीन एसटीपी संचालित हैं, जिनके वार्षिक अनुरक्षण पर जल निगम के माध्यम से करीब 13.75 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अनुरक्षण अवधि समाप्त होने के बाद इनके रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम पर आ सकती है। इसके लिए अलग से बजट उपलब्ध कराने की मांग की गई। उन्होंने स्वच्छता और अन्य नगरीय सेवाओं में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के संचालन के लिए भी अतिरिक्त संसाधनों की जरूरत बताई। साथ ही स्वच्छता के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के लिए 31 मई 2026 को चलाए गए ‘एक रविवार, हर परिवार—स्वच्छता पर करें, गंदगी पर प्रहार’ अभियान का उल्लेख किया।
महापौर ने आयोग को नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी भी दी। उनके अनुसार, भवनों को कर के दायरे में लाने के लिए सर्वेक्षण के बाद कर निर्धारण वाले भवनों की संख्या 45,643 से बढ़कर 61,915 हो गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम की आय 55.96 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 में निजी स्रोतों से बढ़कर 70.53 करोड़ रुपये पहुंच गई। वर्ष 2026-27 के लिए करीब 100 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। महापौर ने ऑनलाइन भुगतान, घर-घर संग्रहण और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत भगवान राम के जीवन प्रसंगों पर आधारित वैक्स म्यूजियम के संचालन जैसी पहलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अयोध्या की बढ़ती जरूरतों, धार्मिक महत्ता और नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त वित्तीय सहायता मिलना जरूरी है।





















