अजीत दुबे लगातार चौथी बार बने अध्यक्ष
काशी के डॉ. अशोक सिंह को फिर मिली महामंत्री की जिम्मेदारी, डॉ. जयति ओझा महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त
नई दिल्ली। विश्व भोजपुरी सम्मेलन ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के साथ विभिन्न राज्यों और इकाइयों के पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। संगठनात्मक बैठक में अजीत दुबे को लगातार चौथी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, जबकि वाराणसी के डॉ. अशोक सिंह को एक बार फिर राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई कार्यकारिणी में भोजपुरी भाषा, संस्कृति और साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को स्थान दिया गया है। सुविख्यात कवयित्री डॉ. जयति ओझा को महिला प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
सम्मेलन की संगठनात्मक बैठक में भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन तथा साहित्यिक गतिविधियों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों के साथ विचार-विमर्श किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत दुबे ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी और विभिन्न प्रांतों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों के नामों की घोषणा की।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में वरिष्ठ पत्रकार और शिक्षाविद शामिल
विश्व भोजपुरी सम्मेलन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के रूप में डॉ. अशोक द्विवेदी (बलिया), डॉ. जय प्रकाश सिंह (भा.पु.से., छपरा), प्रो. संजीव कुमार तिवारी (दिल्ली), प्रो. गुरु शरण सिंह (सासाराम), संतोष ओझा (दिल्ली), उमेश चतुर्वेदी (दिल्ली), वरिष्ठ पत्रकार आचार्य संजय तिवारी (लखनऊ), डॉ. पारितोष मणि त्रिपाठी (गाजियाबाद) और ओम धीरज (वाराणसी) को शामिल किया गया है।
डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी को राष्ट्रीय समन्वयक बनाया गया है। दिलीप गिरी अंतरराष्ट्रीय समन्वयक की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि अजीत सिंह को राष्ट्रीय संयोजक, युवा शक्ति नियुक्त किया गया है। राष्ट्रीय संयोजक, आर्थिक प्रकोष्ठ के लिए पंकज जायसवाल का चयन किया गया है।
डॉ. जयति ओझा को महिला प्रकोष्ठ की कमान
सम्मेलन के महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में सुविख्यात कवयित्री डॉ. जयति ओझा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन में उनकी नियुक्ति को भोजपुरी साहित्य और संस्कृति से जुड़ी महिला प्रतिभाओं को मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रीय सचिव मंडल में डॉ. देवेंद्र नाथ तिवारी, केशव मोहन पांडेय (संगठन), शहरयार खान (आयोजन) और भरत चतुर्वेदी (सूचना एवं प्रसार) को शामिल किया गया है। इनके साथ मुन्ना पाठक और वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप श्रीवास्तव को भी जिम्मेदारी दी गई है।
शोध एवं संवर्धन समिति में डॉ. सुनील कुमार पाठक, देव कांत पांडेय और जलज कुमार मिश्रा ‘अनुपम’ को शामिल किया गया है। समिति के माध्यम से भोजपुरी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े शोध एवं संवर्धन के कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में घोषित हुए पदाधिकारी
विश्व भोजपुरी सम्मेलन की प्रांतीय और क्षेत्रीय इकाइयों में भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। उत्तर प्रदेश इकाई का अध्यक्ष सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी को बनाया गया है, जबकि डॉ. शैलेन्द्र कुमार राव महामंत्री चुने गए हैं। गाजियाबाद इकाई के अध्यक्ष मनोज तिवारी और महामंत्री जेपी द्विवेदी होंगे।
दिल्ली इकाई की कमान विनय मणि त्रिपाठी को सौंपी गई है। डॉ. मनीष कुमार चौधरी महासचिव की जिम्मेदारी संभालेंगे। बिहार इकाई में गुप्तेश्वर पांडेय अध्यक्ष और चंद्र भूषण रॉय महासचिव बनाए गए हैं।
उत्तराखंड इकाई के अध्यक्ष पूर्व विधायक राजेश शुक्ला होंगे, जबकि बीके दुबे को महासचिव बनाया गया है। महाराष्ट्र इकाई में पंकज गांधी जायसवाल को अध्यक्ष और जनार्दन यादव को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। मध्य प्रदेश इकाई का अध्यक्ष आरके यादव को बनाया गया है, जबकि कुंवर प्रसाद महासचिव होंगे।
गुजरात इकाई में जीतेन्द्र राजपूत को महासचिव नियुक्त किया गया है। झारखंड इकाई के अध्यक्ष डॉ. अजय ओझा और महासचिव प्रदीप कुमार होंगे। छत्तीसगढ़ इकाई की अध्यक्षता शशि सिंह करेंगे। त्रिपुरा इकाई में प्रो. विनोद मिश्र को अध्यक्ष और डॉ. आलोक पांडेय को महासचिव बनाया गया है।
भोजपुरी भाषा और संस्कृति के प्रसार पर रहेगा जोर
विश्व भोजपुरी सम्मेलन की नई राष्ट्रीय और प्रांतीय कार्यकारिणी में साहित्यकारों, शिक्षाविदों, पत्रकारों और सामाजिक-सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को जिम्मेदारी दी गई है। संगठन का उद्देश्य भोजपुरी भाषा, साहित्य, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण एवं प्रसार से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।
नई टीम के गठन के साथ सम्मेलन की राष्ट्रीय और प्रांतीय इकाइयों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा भोजपुरी भाषा और सांस्कृतिक विरासत से संबंधित कार्यक्रमों को विस्तार देने की दिशा में काम किए जाने की अपेक्षा है।






















