मोतीपुर, बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज अंतर्गत ग्राम सभा बढ़ईया कलां के मजरा बानपुरवा में उस समय ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई, जब एक मगरमच्छ अचानक आत्माराम पुत्र चंद्रिका प्रसाद के घर में घुस गया। घर में मगरमच्छ दिखाई देने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई, जिसके बाद स्थानीय वन कर्मियों और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम सुबह करीब सात बजे घटनास्थल पर पहुंच गई। कर्मियों ने आसपास के इलाके को सुरक्षित करते हुए लोगों को दूर रखा और स्थिति का जायजा लिया। काफी सतर्कता के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया गया और सुबह करीब साढ़े सात बजे मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़ लिया गया। इसके बाद उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उसे उसके प्राकृतिक जल आवास में वापस छोड़ दिया गया। वन विभाग की तत्परता से संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया गया।
वन विभाग के अनुसार, मानसून के बाद जलस्तर घटने और बाढ़ का पानी उतरने के दौरान मगरमच्छों के जल स्रोतों से निकलकर गांवों और रिहायशी इलाकों के आसपास पहुंचने की आशंका रहती है। ऐसे में नदी, तालाब और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। घर या गांव के आसपास मगरमच्छ दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें और खुद उसे पकड़ने या भगाने की कोशिश न करें।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि मगरमच्छ दिखने पर उसके पास भीड़ न लगाएं और न ही उसे छेड़ने का प्रयास करें। बच्चों तथा पालतू पशुओं को जल स्रोतों और संदिग्ध स्थानों से दूर रखें। वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना और समय पर विभाग को सूचना देना बेहद जरूरी है, ताकि इंसानों और वन्यजीवों, दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।





















