नियुक्ति के पांच दिन बाद ही पद छोड़ने की अटकलें
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई प्रेस सचिव केटी जकारिया का कार्यकाल शुरू होने के महज पांच दिन बाद ही संकट में घिरता नजर आ रहा है। ट्रंप ने उन्हें पद से हटाने के संकेत दिए हैं। हालांकि, उन्होंने अभी तक उनके भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है। राष्ट्रपति के इस रुख के बाद व्हाइट हाउस में उनकी नियुक्ति, पेशेवर योग्यता और पहली प्रेस ब्रीफिंग को लेकर उठे सवाल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के लॉन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जकारिया को मीडिया में काफी नकारात्मक कवरेज का सामना करना पड़ा है। उन्होंने बताया कि उनकी जकारिया से बातचीत हुई है और वह नहीं चाहते कि उन्हें लगातार आलोचना झेलनी पड़े।
ट्रंप जॉर्जिया में एक रैली के लिए रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जकारिया इस तरह की आलोचना की हकदार नहीं हैं। राष्ट्रपति ने बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जकारिया से पूछा था कि क्या उन्हें इस पद पर बने रहने की जरूरत है। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने उनसे कहा कि शायद वह किसी दूसरी भूमिका में ज्यादा खुश रह सकती हैं।
अंतिम फैसला बाद में लेंगे ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि जकारिया को लेकर अंतिम निर्णय तत्काल नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी यात्रा से लौटने के बाद इस विषय पर फिर बातचीत करेंगे। ट्रंप के बयान से संकेत मिलता है कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव के रूप में जकारिया का भविष्य फिलहाल अनिश्चित है।
ट्रंप ने कहा कि वह चाहते हैं कि जकारिया का जीवन अच्छा रहे और उन्हें मीडिया की कठोर आलोचना का सामना न करना पड़े। हालांकि, उनके इस बयान के बाद यह अटकल तेज हो गई है कि नियुक्ति के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें पद छोड़ना पड़ सकता है।
नौ अक्तूबर को हुई थी नियुक्ति की घोषणा
ट्रंप ने नौ अक्तूबर को केटी जकारिया को व्हाइट हाउस की नई प्रेस सचिव नियुक्त करने की घोषणा की थी। उन्हें करोलिन लेविट की जगह यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। लेविट ट्रंप की करीबी सहयोगियों में शामिल रही थीं और व्हाइट हाउस की सबसे कम उम्र की प्रेस सचिव के रूप में भी चर्चा में रही थीं।
जकारिया की नियुक्ति को अप्रत्याशित माना गया था। इससे पहले वह ट्रंप मीडिया में संचार संबंधी जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। यह कंपनी ट्रंप के सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल से जुड़ी है। उन्होंने ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में गृह सुरक्षा विभाग में भी कुछ समय के लिए काम किया था।
पहली प्रेस ब्रीफिंग में ही उठने लगे सवाल
जकारिया की नियुक्ति के बाद उनकी पहली प्रेस ब्रीफिंग चर्चा का विषय बन गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान वह कुछ असहज दिखाई दीं और राष्ट्रपति की उपलब्धियों का उल्लेख करते समय भी हिचकिचाती नजर आईं।
उन्होंने अपनी पहली ब्रीफिंग में केवल तीन पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए। ये पत्रकार रूढ़िवादी विचारधारा या ट्रंप समर्थक मीडिया संस्थानों से जुड़े थे। उनकी ब्रीफिंग करीब 14 मिनट में समाप्त हो गई।
जकारिया ने उस समय कहा था कि वह ब्रीफिंग को छोटा रखना चाहती थीं, ताकि राष्ट्रपति को बाद में पत्रकारों के साथ सवाल-जवाब करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने यह भी कहा था कि व्हाइट हाउस के कर्मचारियों ने उन्हें ब्रीफिंग से पहले पूरी जानकारी नहीं दी थी।
इस घटनाक्रम के बाद उनकी मीडिया से संवाद करने की क्षमता और प्रेस सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालने की तैयारी पर सवाल उठने लगे। प्रेस सचिव का काम राष्ट्रपति के प्रशासन की नीतियों और फैसलों को स्पष्ट करना, पत्रकारों के सवालों का जवाब देना तथा सरकार और मीडिया के बीच संवाद बनाए रखना होता है।
वकील होने के दावे पर भी हुई आलोचना
केटी जकारिया की पेशेवर पृष्ठभूमि भी विवाद का विषय रही है। उन्होंने पेपरडाइन यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की है, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने बार परीक्षा पास नहीं की थी और उनके पास वकालत करने का प्रमाणपत्र भी नहीं था।
रूढ़िवादी टेलीविजन चैनलों पर खुद को वकील के रूप में पेश करने को लेकर उनकी आलोचना हुई। जकारिया ने अपने बचाव में कहा कि कानूनी मामलों का विश्लेषण करने के संदर्भ में इस शब्द का इस्तेमाल उचित था। उन्होंने चीन में वकील के रूप में काम करने का भी दावा किया था।
फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में जकारिया ने कहा कि प्रेस सचिव बनाए जाने से पहले उनसे बार परीक्षा पास करने के बारे में नहीं पूछा गया था। ट्रंप ने भी उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्हें व्हाइट हाउस की प्रवक्ता के रूप में नियुक्त किया गया था, न कि वकील के तौर पर।
व्हाइट हाउस के लिए क्यों अहम है यह घटनाक्रम?
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव अमेरिकी राष्ट्रपति प्रशासन की सार्वजनिक छवि और मीडिया से संवाद में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस पद पर रहने वाले व्यक्ति को सरकार के फैसलों, घरेलू नीतियों, विदेश नीति और विवादित मुद्दों पर लगातार पत्रकारों के सवालों का सामना करना पड़ता है।
ऐसे में नियुक्ति के तुरंत बाद प्रेस सचिव के प्रदर्शन और योग्यता को लेकर विवाद खड़ा होना ट्रंप प्रशासन के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है। जकारिया के मामले में पहली ब्रीफिंग, उनके पेशेवर अनुभव और मीडिया में हुई आलोचना ने उनकी नियुक्ति को लेकर बहस तेज कर दी है।
हालांकि, ट्रंप के बयान से यह स्पष्ट नहीं है कि जकारिया को औपचारिक रूप से बर्खास्त करने का निर्णय लिया जा चुका है। फिलहाल राष्ट्रपति ने अंतिम फैसला टालने की बात कही है। इसलिए उनके पद से हटाए जाने की खबर को अंतिम निर्णय के बजाय संभावित बदलाव के संकेत के रूप में देखना उचित होगा।
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