फाइनेंस क्रिएटर हरीश की आत्महत्या के मामले में साइबर बुलिंग के आरोप, जांच में जुटी पुलिस
चेन्नई। सोशल मीडिया पर 13 लाख से अधिक फॉलोअर्स के बीच लोकप्रिय हुए फाइनेंशियल कंटेंट क्रिएटर वी. हरीश की मौत ने ऑनलाइन उत्पीड़न और सोशल मीडिया पर होने वाली सार्वजनिक आलोचना को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 वर्षीय हरीश का शव चेन्नई में मुत्तुकाडु के पास एक किराए के विला में मिला। उनके पिता ने एक यूट्यूबर पर साइबर बुलिंग और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि, आरोपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसने उपभोक्ताओं के हित में निवेश संबंधी जानकारी पर सवाल उठाए थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के अनुसार, हरीश की मौत की सूचना 20 अक्तूबर को मिली थी। वह सोशल मीडिया पर ‘फाइनेंस विद हरीश’ नाम से अपना ब्रांड चलाते थे। इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर उनके 1.3 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स थे। वह वित्तीय मामलों और निवेश से जुड़े विषयों पर कंटेंट बनाते थे।
वीडियो के बाद शुरू हुआ विवाद
मामले में हरीश के पिता विनायगम ने कनाथुर पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में यूट्यूबर और जेमुरिया इंक के सीईओ जेसन सैमुअल का नाम लिया गया है। पिता का आरोप है कि 18 अक्तूबर को सैमुअल की ओर से पोस्ट किए गए एक वीडियो के बाद हरीश को ऑनलाइन उत्पीड़न और भारी मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा।
शिकायत के मुताबिक, वीडियो में हरीश के भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) तथा एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एएमएफआई) से जुड़े क्रेडेंशियल्स पर सवाल उठाए गए थे। इसके बाद कथित तौर पर सोशल मीडिया पर हरीश के खिलाफ आलोचना तेज हो गई। उनके पिता ने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में रिपोर्ट किए जाने के बाद हरीश के सोशल मीडिया अकाउंट भी बंद कर दिए गए। परिवार का मानना है कि इन घटनाओं ने हरीश पर गंभीर मानसिक दबाव बनाया।
हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है। यह भी जांच का विषय है कि ऑनलाइन विवाद और हरीश की मौत के बीच कोई सीधा संबंध था या नहीं।
आरोपी यूट्यूबर ने आरोपों को नकारा
जेसन सैमुअल ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर साइबर बुलिंग के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने उपभोक्ताओं के हित में हरीश की निवेश सलाह संबंधी पात्रता पर सवाल उठाए थे। सैमुअल के मुताबिक, हरीश के पास सेबी में पंजीकृत निवेश सलाहकार (आरआईए) का लाइसेंस नहीं था और उन्होंने इसी मुद्दे को सामने रखा था।
इस तरह मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। एक ओर हरीश के पिता ऑनलाइन उत्पीड़न और मानसिक दबाव को उनकी मौत से जोड़ रहे हैं, वहीं सैमुअल का कहना है कि उनका उद्देश्य निवेशकों को जरूरी जानकारी देना था। पुलिस इन दावों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर रही पुलिस
कनाथुर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है। अधिकारी संबंधित लोगों के बयान दर्ज करने के साथ डिजिटल सबूतों की भी जांच कर रहे हैं। जांच में विवादित वीडियो, सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों को शामिल किया गया है। पुलिस उस वीडियो की भी पड़ताल कर रही है, जिसे कथित तौर पर हरीश ने अपनी मौत से पहले रिकॉर्ड किया था।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच में सामने आए डिजिटल साक्ष्य क्या संकेत देते हैं। पुलिस की जांच पूरी होने और तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में किसी की भूमिका बनती है या नहीं।
सोशल मीडिया पर आलोचना और साइबर बुलिंग के बीच अंतर
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर सार्वजनिक आलोचना, जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार और साइबर बुलिंग के बीच अंतर को लेकर चर्चा में है। किसी व्यक्ति के पेशेवर दावों या वित्तीय सलाह की वैधता पर सवाल उठाना और उसे लगातार निशाना बनाकर परेशान करना अलग-अलग बातें हैं। किसी भी आरोप की गंभीरता उसके संदर्भ, तरीके और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तय की जाती है।
फिलहाल हरीश की मौत के कारणों और कथित ऑनलाइन उत्पीड़न की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच जारी है। ऐसे में किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने से पहले जांच के निष्कर्षों और प्रमाणित तथ्यों का इंतजार करना जरूरी है।





















