डीएम चंद्र मोहन गर्ग ने सैयदराजा के नेशनल इंटर कॉलेज में प्रशिक्षण का लिया जायजा, लापरवाही पर दी सख्त हिदायत
28 अक्टूबर तक चलेगा प्रथम बैच का प्रशिक्षण, डेटा संकलन की बारीकियों से रूबरू हो रहे कर्मचारी
चंदौली। भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के तहत जनसंख्या गणना (पीई) को त्रुटिरहित और निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के उद्देश्य से सोमवार को जिले की सभी तहसीलों में प्रगणकों और सुपरवाइजरों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना कार्य में तैनात होने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को डेटा संकलन की तकनीकी प्रक्रियाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी दी जा रही है।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने सदर तहसील क्षेत्र के सैयदराजा स्थित नेशनल इंटर कॉलेज पहुंचकर प्रथम बैच के प्रशिक्षण का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशिक्षण सत्र की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और कर्मचारियों को पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि जनगणना देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है। इससे प्राप्त आंकड़े भविष्य की योजनाओं और नीतिगत निर्णयों का आधार बनते हैं। इसलिए आंकड़ों की शुद्धता और निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित करना सभी संबंधित कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या त्रुटि स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी कर्मचारी प्रशिक्षण के दौरान बताई जा रही प्रक्रियाओं को अच्छी तरह समझें और मैदानी स्तर पर उनका सही तरीके से पालन करें। उन्होंने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने पर भी जोर दिया।
इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रतन वर्मा ने चकिया स्थित प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। जिले में संबंधित उपजिलाधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है, ताकि जनगणना कार्य में लगाए जाने वाले सभी कर्मियों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
प्रथम बैच का प्रशिक्षण 27 और 28 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान प्रगणकों और सुपरवाइजरों को डेटा संकलन की सही विधि, तकनीकी प्रक्रियाओं, निर्धारित दिशा-निर्देशों और समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने के तरीकों से अवगत कराया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना के दौरान आंकड़ों के संकलन में होने वाली संभावित त्रुटियों को रोकना और कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के अनुरूप पूरी सावधानी और जिम्मेदारी से कार्य करें, ताकि जनगणना-2027 की प्रक्रिया को शत-प्रतिशत सटीकता के साथ पूरा किया जा सके।





















