बाजारों, कस्बों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंटी रोमियो टीम चला रही अभियान, सरकारी योजनाओं और महिला हेल्पलाइन की दी जानकारी
साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति भी किया जा रहा जागरूक
चंदौली, 26 अक्टूबर। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चंदौली जिले में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में जिले के सभी थानों की पुलिस टीमें बाजारों, कस्बों, ग्रामीण क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकार की ओर से संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं। अभियान के माध्यम से महिलाओं को जागरूक करने के साथ उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान के दौरान पुलिसकर्मी महिलाओं और बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, निराश्रित महिला पेंशन योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी योजनाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं। इन योजनाओं के उद्देश्य और उनसे मिलने वाली सुविधाओं के बारे में बताकर महिलाओं को जरूरत पड़ने पर संबंधित सेवाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
पुलिस टीमों की ओर से महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कानूनों के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। इसमें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम-2013 तथा दहेज निषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी शामिल है। इसके अलावा गर्भधारण पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम के बारे में बताकर कन्या भ्रूण के लिंग चयन और इससे जुड़ी गैरकानूनी गतिविधियों के प्रति भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है।
मिशन शक्ति अभियान के तहत जिले के सभी थानों की एंटी रोमियो टीमें सार्वजनिक स्थलों पर सक्रिय हैं। ये टीमें महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित रहने, किसी भी तरह के उत्पीड़न की स्थिति में सहायता लेने और पुलिस तक अपनी शिकायत पहुंचाने के तरीकों की जानकारी दे रही हैं। अभियान का उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना और उन्हें बिना किसी भय के अपनी गतिविधियां संचालित करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
साइबर सुरक्षा को भी अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है। महिलाओं और बालिकाओं को सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने, अपनी निजी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक से बचने तथा ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने के उपाय बताए जा रहे हैं। पुलिसकर्मी उन्हें किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की स्थिति में समय रहते शिकायत दर्ज कराने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं।
इसके साथ ही स्थानीय थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक बनें तथा किसी भी तरह की समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में बिना संकोच सहायता प्राप्त करने के लिए आगे आएं।





















