पटना: बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने एक और उपलब्धि हासिल की है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने जीत दर्ज कर विधान परिषद में जन सुराज का खाता खोल दिया है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मौजूदा एमएलसी मदन मोहन झा को पीछे छोड़ते हुए यह चुनाव अपने नाम किया। इस नतीजे को कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि पिछले दो चुनावों में इस सीट पर मदन मोहन झा का कब्जा रहा था। मतगणना के दौरान सुरेश प्रसाद राय को पहली वरीयता के मतों में लगातार बढ़त मिली। आखिर तक वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे बने रहे। इस मुकाबले में कांग्रेस के साथ राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPM के उम्मीदवार भी मैदान में थे। विपक्षी दलों के बीच बंटे मुकाबले का फायदा जन सुराज को मिला।
दरभंगा शिक्षक सीट पर किसे कितने वोट मिले?
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सुरेश प्रसाद राय को 2,574 मत प्राप्त हुए, जबकि कांग्रेस के मदन मोहन झा को 2,187 वोट मिले। CPM उम्मीदवार रामदेव राय के खाते में 1,498 मत आए। वहीं, आरजेडी के कुमार राउत को 126 वोट मिले। मतगणना के दौरान सुरेश प्रसाद राय ने शुरुआती दौर से ही अपनी स्थिति मजबूत रखी। दूसरी ओर, कांग्रेस उम्मीदवार मदन मोहन झा मतगणना पूरी होने से पहले ही केंद्र से चले गए थे। इस चुनाव में कांग्रेस और आरजेडी के बीच भी तालमेल की कमी देखने को मिली। दोनों दलों ने पटना शिक्षक, पटना स्नातक, दरभंगा शिक्षक, दरभंगा स्नातक और कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में अपने-अपने उम्मीदवार उतारे थे। दरभंगा शिक्षक सीट पर आरजेडी ने शुरुआत में प्रत्याशी नहीं उतारा था, लेकिन कांग्रेस के सभी पांच निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव लड़ने के फैसले के बाद पार्टी ने कुमार राउत को मैदान में उतार दिया। CPM ने भी यहां अपना उम्मीदवार खड़ा किया था।
कौन हैं डॉ. सुरेश प्रसाद राय?
डॉ. सुरेश प्रसाद राय लंबे समय तक भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं। सरकारी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने राजनीति और संगठन के काम में सक्रिय भूमिका निभाई। वह भाजपा के शिक्षक प्रकोष्ठ में राज्य स्तर पर समन्वयक के तौर पर भी काम कर चुके हैं। पिछले चुनाव में उन्होंने भाजपा के टिकट पर दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से किस्मत आजमाई थी। उस समय उन्हें मदन मोहन झा के हाथों हार का सामना करना पड़ा था और वह दूसरे स्थान पर रहे थे। इस बार टिकट को लेकर नाराजगी के बीच उन्होंने भाजपा छोड़ दी और जन सुराज पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी बदलने के बाद उन्होंने उसी सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उनकी सफलता से जन सुराज को बिहार विधान परिषद में पहली बार प्रतिनिधित्व मिला है।
बिहार के दूसरे निर्वाचन क्षेत्रों में भी बदले समीकरण
विधान परिषद चुनाव के नतीजों में अन्य दलों को भी अलग-अलग सीटों पर सफलता मिली। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में आरजेडी के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर को 1,057 मतों से हराया। इस नतीजे के साथ पटना शिक्षक सीट पर भाजपा का करीब तीन दशक पुराना दबदबा समाप्त हो गया। तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के नरेंद्र प्रसाद सिंह विजयी रहे। उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार भूषण कुमार झा को 594 मतों से पराजित किया। वहीं, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा से अलग होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे राहुल राज ने दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद जीत हासिल की। इन नतीजों के बीच कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका यह रहा कि पार्टी को विधान परिषद चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली। दूसरी ओर, जन सुराज ने दरभंगा शिक्षक सीट जीतकर बिहार की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।





















