जिला पर्यावरण एवं गंगा संरक्षण समिति की बैठक में ठोस-गीले कचरे के पृथक्करण, ई-वेस्ट और बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तारण पर जोर
श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पर्यावरण समिति एवं जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें पूर्व में हुई बैठकों में लिए गए निर्णयों की समीक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण और नमामि गंगे योजना के तहत संचालित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद में ठोस अपशिष्ट का स्रोत स्तर पर ही पृथक्करण सुनिश्चित कराया जाए। सूखे और गीले कचरे के अलग-अलग संग्रहण के साथ उनके उपचार और निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के डोर-टू-डोर संग्रहण की स्थिति की समीक्षा करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध को प्रभावी ढंग से लागू कराने के निर्देश दिए। साथ ही सभी विभागीय परिसरों को सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त घोषित करने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्रवाई करने को कहा।
जिलाधिकारी ने अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित कराने तथा जनपद में ई-वेस्ट के संग्रहण और निस्तारण की समुचित व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की रोकथाम और उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। विद्यालयों में विद्यार्थियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूक करने को भी कहा।
बैठक में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, सीवरेज ट्रीटमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास तथा छोटे तालाबों और बूढ़ी राप्ती नदी के पुनरोद्धार के मुद्दे पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक का संचालन प्रभागीय वनाधिकारी धनराज मीणा ने किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी शाहिद अहमद, जिला विकास अधिकारी रामसमुझ, एआर को-ऑपरेटिव, मुख्य चिकित्साधिकारी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद भिनगा सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





















