266.50 रुपये की यूरिया 450–500 रुपये में बेचने और जबरन जिंक खरीदवाने का आरोप, निजी खाद दुकानों पर कार्रवाई की उठी मांग
बाराबंकी। हरख विकासखंड क्षेत्र के गोठिया गांव के किसानों ने क्षेत्र के निजी खाद विक्रेताओं पर यूरिया की कालाबाजारी और जबरन अन्य कृषि उत्पाद बेचने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी दुकानदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
किसानों का आरोप है कि सरकार द्वारा निर्धारित 266.50 रुपये प्रति बोरी की यूरिया निजी दुकानों पर 450 से 500 रुपये तक में बेची जा रही है। उनका कहना है कि कई दुकानदार यूरिया तभी देते हैं, जब किसान उसके साथ जिंक या अन्य कृषि उत्पाद भी खरीदें। अतिरिक्त सामान लेने से इनकार करने पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायती पत्र में किसानों ने दो खाद विक्रेताओं के नाम और पते का उल्लेख करते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम एवं उर्वरक (नियंत्रण) आदेश के तहत कार्रवाई की मांग की है। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर बिना किसी अतिरिक्त उत्पाद की अनिवार्यता के यूरिया उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों का दावा है कि यह समस्या केवल गोठिया गांव तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के अधिकांश निजी खाद विक्रेताओं के यहां निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने और अन्य उत्पाद खरीदने का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि, इस दावे की प्रशासनिक स्तर पर अभी पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच चुकी है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित खाद विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं किसानों ने प्रशासन से तत्काल छापेमारी कर यूरिया की कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।







