अमेठी: किसानों को निर्धारित दरों पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी, ओवररेटिंग तथा टैगिंग जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर बुधवार को जिलेभर में व्यापक जांच अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान 13 जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमों ने सभी 13 विकासखंडों में पहुंचकर 111 उर्वरक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण में मिली अनियमितताएं, 27 दुकानदारों को कारण बताओ नोटिस
जांच के दौरान कई उर्वरक प्रतिष्ठानों पर अभिलेख अपूर्ण मिले। कई दुकानों पर रेट बोर्ड और स्टॉक बोर्ड प्रदर्शित नहीं थे अथवा उन्हें अपडेट नहीं किया गया था। कुछ स्थानों पर पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक में अंतर पाया गया, जबकि कुछ प्रतिष्ठान बंद मिले। इन अनियमितताओं के आधार पर 27 उर्वरक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
ओवररेटिंग पर दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित
निरीक्षण के दौरान निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया की बिक्री की पुष्टि होने पर मेसर्स राजेश खाद भंडार, फुरसतगंज और अमृतलाल खाद भंडार, फुरसतगंज के उर्वरक प्राधिकार पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
तीन उर्वरकों के नमूने लिए गए, मानक विहीन मिलने पर होगी कार्रवाई
जांच अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों से तीन उर्वरक नमूने भी संकलित किए गए। जिला प्रशासन ने बताया कि यदि जांच में ये नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों को परेशान न करने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उर्वरक वितरण में किसी प्रकार की परेशानी न हो। फार्मर रजिस्ट्री, चकबंदी या अन्य तकनीकी कारणों से किसी किसान को समस्या आ रही हो तो भी उसे उर्वरक उपलब्ध कराया जाए और अनावश्यक रूप से न रोका जाए।
13 विभागों के अधिकारियों ने संभाली जांच की जिम्मेदारी
जिलाधिकारी संजय चौहान ने उर्वरक वितरण से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सभी विकासखंडों के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीमें गठित की थीं। इन टीमों को कालाबाजारी, निर्धारित मूल्य से अधिक बिक्री, यूरिया व फास्फेटिक उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की जबरन टैगिंग और स्टॉक की वास्तविक स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए थे।
अभियान में जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, उपायुक्त एनआरएलएम, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता नलकूप, डीसी मनरेगा, जिला उद्यान अधिकारी, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, क्षेत्रीय अधिकारी इफको तथा जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता
जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि वर्तमान समय में जनपद में उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता है। जिले में 10,757 मीट्रिक टन यूरिया, 3,760 मीट्रिक टन डीएपी, 86.66 मीट्रिक टन एमओपी, 1,873 मीट्रिक टन एनपीके और 2,102 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अगस्त माह की आपूर्ति योजना के अनुसार जिले को 8,400 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया भी प्राप्त होगी।
किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता: जिलाधिकारी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कालाबाजारी, ओवररेटिंग, टैगिंग या अन्य अनियमितताओं की शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि किसानों को निर्धारित दर पर समय से उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।





