औरैया। बेला थाना क्षेत्र के दलपपुर गांव में युवती का शव गड्ढे में दबा मिलने के मामले में पुलिस ने हत्या का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में युवती के पिता चंद्रप्रकाश उर्फ भगवान दीन और उसके चचेरे भाई दीपक उर्फ दीपांशु को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, युवती का शव 20 सितंबर को वन विभाग की जमीन पर बबूल के पेड़ के नीचे दबा मिला था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल फावड़ा और एक बाइक भी बरामद की है।
एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि ग्राम प्रधान की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद किया था। बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर देखकर युवती के भाई रजत कुमार ने उसकी पहचान अपनी बहन के रूप में की। भाई की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार, युवती के पिता ने 9 सितंबर को बेटे से कहा था कि वह अपनी बहन को लेकर दिल्ली जा रहे हैं। रजत बाइक से पिता और बहन को बेला तक छोड़ने निकला था। रास्ते में तिर्वा रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास युवती का चचेरा भाई दीपक मिल गया। इसके बाद पिता ने रजत को वापस घर भेज दिया और खुद दीपक के साथ आगे चले गए।
पुलिस के मुताबिक, बाद में रजत ने सोशल मीडिया पर अपनी बहन के शव की तस्वीर देखी और पिता से फोन पर संपर्क किया। आरोप है कि पिता ने उसे बताया कि उन्होंने दीपक के साथ मिलकर 9 सितंबर को युवती की हत्या की और शव को दलपपुर गांव के पास वन विभाग के जंगल में गड्ढा खोदकर दबा दिया। भाई ने पुलिस को बताया कि पिता की धमकी के कारण वह तत्काल थाने में सूचना देने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। एसपी के अनुसार, आरोपियों को 13 अक्टूबर की सुबह करीब 8:15 बजे कैथावा मोड़ के पास संदिग्ध व्यक्ति और वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार किया गया।
एसपी अभिषेक भारती ने बताया कि पूछताछ में आरोपी पिता ने कथित तौर पर कहा कि बेटी के बिना बताए घर से चले जाने के कारण उसे समाज में बेइज्जती महसूस होती थी। पुलिस के अनुसार, इसी नाराजगी में पिता ने दीपक के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले को ऑनर किलिंग से जोड़कर खुलासा किया है। कार्रवाई में बेला थाना प्रभारी निरीक्षक अमर बहादुर सिंह, मुख्य आरक्षी अमित कुमार, आरक्षी अंकुश कुमार, अनिल जुरैल, विशाल तंवर और महिला मुख्य आरक्षी पिंकी की भूमिका रही। मामले में आरोप पुलिस और जांच से जुड़े हैं; आरोपियों के दोष का अंतिम निर्धारण न्यायालय करेगा।





















