अयोध्या में सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा, प्रशिक्षण और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए नमस्ते योजना के तहत प्रोफाइलिंग कैंप एवं कार्यशाला आयोजित की गई। इसके लिए केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय की तीन सदस्यीय टीम अयोध्या पहुंची। टीम में पर्यावरण परिवर्तन विशेषज्ञ मितावच्चन, सामाजिक सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अपराजिता विश्वास और पर्यावरण विशेषज्ञ मिथुन विश्वास शामिल रहे।
राम मंदिर में दर्शन के बाद टीम रायबरेली रोड स्थित मंडपम गेस्ट हाउस पहुंची। यहां अपर आयुक्त भारत भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित शिविर में टीम के सदस्यों ने सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई करने वाले श्रमिकों से संवाद किया। इस दौरान सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय ने नगर निगम में कार्यरत स्वच्छता कर्मियों का विवरण और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने टीम के सदस्यों का परिचय भी श्रमिकों से कराया। कार्यशाला का संचालन क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक वैभव पांडेय ने किया।
कार्यशाला में श्रमिकों को प्रोफाइलिंग प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और सीवर एवं सेप्टिक टैंक की सफाई में आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल के बारे में जानकारी दी गई। आपात स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों पर भी चर्चा हुई। नमस्ते योजना का उद्देश्य सफाई कार्य में लगे श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में मैनुअल सफाई की निर्भरता कम करने के लिए मशीनीकरण को बढ़ावा देना है। कार्यशाला के माध्यम से श्रमिकों को सुरक्षित कार्यप्रणाली अपनाने के लिए जागरूक किया गया।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश पांडेय ने बताया कि टीम ने मऊ शिवाला स्थित चिंतन संस्था द्वारा संचालित एमआरएफ सेंटर का भी निरीक्षण किया। यह केंद्र वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण के लिए संचालित किया जा रहा है। टीम के सदस्यों ने केंद्र की व्यवस्था का जायजा लिया और इसके कामकाज की सराहना की। नगर निगम की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में स्वच्छता कर्मियों के प्रशिक्षण, सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियों पर विशेष जोर दिया गया।





















