अयोध्या में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को देवी मंदिरों में श्रद्धा और भक्ति का माहौल नजर आया। मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ नौ दिवसीय शक्ति उपासना की शुरुआत हुई। सुबह से ही बड़ी देवकाली मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़ जुटने लगी, जबकि छोटी देवकाली मंदिर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। रुदौली स्थित मां कामाख्या धाम, कैंट क्षेत्र के पाटेश्वरी माता मंदिर और मरी माता मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में भी भक्तों ने दर्शन-पूजन किया।
नवरात्र के पहले दिन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में वायव्य कोण में प्रतिष्ठित मां भगवती का कलश स्थापित कर पूजन-अर्चन किया गया। परकोटे की उत्तरी भुजा के मध्य स्थित मां अन्नपूर्णा का विशेष श्रृंगार कर आराधना की गई। घरों में भी श्रद्धालुओं ने कलश स्थापना के साथ विधि-विधान से देवी की पूजा की। मंदिरों में घंटियों की गूंज, मंत्रोच्चार और जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था के लिए मंदिरों तथा प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन ने विशेष इंतजाम किए हैं। मंदिर परिसरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों के साथ महिला पुलिस बल भी लगाया गया है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी के अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा और अग्निशमन व्यवस्था भी रखी गई है। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।
राममंदिर निर्माण के साथ अयोध्या में हुए आधारभूत ढांचे के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिल रही हैं। प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण, स्वच्छता और पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं से धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान हुई है। नवरात्र के पहले दिन मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में दर्शन-पूजन करते नजर आए। प्रशासन के अनुसार, पूरे नवरात्र के दौरान सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी जारी रहेगी।





















