बहराइच में सितंबर और अक्टूबर 2026 के दौरान चक्रवाती तूफान, तेज आंधी और अत्यधिक बारिश से किसानों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। खेतों और निजी भूमि पर बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ने और गिरने की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करने पर जोर दिया है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश सरकार इस मुश्किल समय में किसानों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों, प्रभागीय वनाधिकारियों और उत्तर प्रदेश वन निगम को निर्देश दिया है कि किसानों की ओर से निजी भूमि या खेतों में गिरे पेड़ों को हटाने और उनके निस्तारण के लिए दिए जाने वाले आवेदनों पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि इस प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। किसानों की लकड़ी के परिवहन और निस्तारण में परेशानी न आए, इसके लिए जरूरी ट्रांजिट परमिट भी प्राथमिकता के आधार पर जारी किए जाएं।
आंधी-तूफान के कारण सड़कों और सार्वजनिक मार्गों पर गिरे पेड़ों को भी जल्द हटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यातायात बाधित न हो और आवागमन सुचारू बना रहे। इस काम में प्रशासन और वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ कार्रवाई करनी होगी। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखने के लिए जिलाधिकारी और प्रभागीय वनाधिकारी को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रभावित किसानों को किसी तरह के मानसिक या आर्थिक उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। गिरे हुए पेड़ों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और निर्धारित वन नियमों के अनुसार पूरी की जानी है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसानों को समय पर राहत मिले और अपनी ही जमीन पर गिरे पेड़ों के निस्तारण या लकड़ी के परिवहन के लिए उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।





















