बाराबंकी। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आने पर जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। आईजीआरएस/जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा में 59 संदर्भ निर्धारित समयसीमा के बाद भी लंबित पाए गए। इसके बाद डीएम ने संबंधित 12 अधिकारियों का एक दिन का वेतन बाधित करने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों में हलचल मच गई है।
समीक्षा में सामने आया कि कृषि विभाग में सबसे ज्यादा 23 शिकायतें लंबित थीं। इसके अलावा जिला प्रोबेशन अधिकारी, महिला कल्याण विभाग के स्तर पर आठ संदर्भ पाए गए। राजस्व एवं आपदा विभाग में कुल 17 शिकायतें समयसीमा में निस्तारित नहीं हुईं। इनमें एसडीएम रामसनेहीघाट के चार, तहसीलदार रामसनेहीघाट के तीन और तहसीलदार फतेहपुर के 10 संदर्भ शामिल हैं।
विद्युत विभाग से जुड़े छह मामले भी लंबित मिले। इनमें अधिशासी अभियंता विद्युत फतेहपुर का एक, रामसनेहीघाट के तीन और रामनगर के दो संदर्भ शामिल हैं। इसके अलावा सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता के स्तर पर दो, जबकि चकबंदी अधिकारी सिरौली गौसपुर, अधिशासी अभियंता बाराबंकी जल निगम (नगरीय) और जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी के स्तर पर एक-एक संदर्भ लंबित मिला।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिकायतों के निस्तारण में हुई देरी का कारण स्पष्ट करते हुए तीन दिन के भीतर तथ्यात्मक स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई होगी।






