चंदौली/कंदवाठ: बरहनी विकासखंड के सिकठा गांव के पास गुरुवार को रेलवे लाइन किनारे एक घायल हिरन मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब तीन वर्ष के हिरन को घायल अवस्था में देखकर ग्रामीणों ने तुरंत उसकी मदद की और मानवता की मिसाल पेश करते हुए उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ग्रामीणों की तत्परता के कारण हिरन को समय पर उपचार मिल सका।
रेलवे ट्रैक के पास घायल हालत में मिला हिरन
जानकारी के अनुसार, सिकठा गांव के समीप रेलवे लाइन के किनारे ग्रामीणों ने एक हिरन को घायल अवस्था में पड़ा देखा। उसके शरीर पर चोट के निशान थे और वह चलने में असमर्थ था। हिरन को इस हालत में देखकर ग्रामीणों ने बिना देर किए उसकी मदद शुरू कर दी और उसे सुरक्षित स्थान पर ले गए।
ग्रामीणों ने फार्म हाउस में रखा सुरक्षित
गांव निवासी रतन सिंह ने अन्य ग्रामीणों की मदद से घायल हिरन को उठाकर महेंद्र बहादुर सिंह के फार्म हाउस में सुरक्षित रखा। इसके बाद मामले की जानकारी तत्काल वन विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर हिरन को अपने कब्जे में लिया।
वन विभाग ने पशु चिकित्सालय में कराया इलाज
वन दरोगा मनोज श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घायल हिरन को उपचार के लिए सैयदराजा पशु चिकित्सालय ले गए। वहां पशु चिकित्सकों द्वारा उसका इलाज किया गया। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक हिरन का उपचार जारी है, लेकिन उसकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। चिकित्सकों की निगरानी में उसकी देखभाल की जा रही है।
ग्रामीणों की पहल की हो रही सराहना
घायल हिरन को बचाने और उसे समय पर इलाज तक पहुंचाने में ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मुन्नीलाल राजभर, रामयश, प्रशांत सिंह, अविनाश सिंह, विजयी यादव और संदीप कुमार ने हिरन को सुरक्षित पहुंचाने में सहयोग किया। ग्रामीणों की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए ऐसी जागरूकता और सहयोग बेहद जरूरी है। समय पर मिली मदद से घायल हिरन को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।






