चंदौली जिले के सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों को नवंबर-दिसंबर से पहले अपना जीवित प्रमाण-पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा कराना होगा। वरिष्ठ कोषाधिकारी आलोक चंद्र ने पेंशनरों से समय रहते प्रमाण-पत्र अपडेट कराने की अपील की है। ऐसा करने से पेंशन भुगतान में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकेगा और जरूरी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकेंगी।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि अब पेंशनरों को जीवित प्रमाण-पत्र जमा कराने के लिए कोषागार के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। वे घर बैठे डिजिटल माध्यम से अपना प्रमाण-पत्र जमा कर सकते हैं। इसके लिए www.jeevanpramaan.gov.in वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। इसके अलावा नजदीकी डाकघर, जन सुविधा केंद्र (सीएससी), साइबर कैफे या मोबाइल और कंप्यूटर की मदद से भी डिजिटल प्रमाण-पत्र जमा करने की सुविधा उपलब्ध है।
डिजिटल जीवित प्रमाण-पत्र जमा करने के लिए पेंशनरों को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ओटीपी, अपना नाम और पेंशन का प्रकार जैसी जानकारी देनी होगी। इसके साथ स्वीकृति प्राधिकारी के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार, वितरण एजेंसी के रूप में उत्तर प्रदेश कोषागार-उप कोषागार और कोषागार के नाम में चंदौली दर्ज करना होगा। आवेदन के लिए पीपीओ नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएससी कोड और बायोमेट्रिक इंप्रेशन भी जरूरी होंगे।
वरिष्ठ कोषाधिकारी आलोक चंद्र ने सभी पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनरों से निर्धारित अवधि से पहले जीवित प्रमाण-पत्र जमा करने की अपील की है। समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने से पेंशन संबंधी औपचारिकताओं में देरी और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकता है। इसलिए पेंशनरों को सलाह दी गई है कि वे जरूरी दस्तावेज और विवरण तैयार रखकर समय से अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा कर दें।





















