पीडीडीयू नगर। रेलकर्मियों के लिए बोनस की खबर के बीच पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) मंडल से कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल से 78 दिनों के उत्पादकता आधारित बोनस (पीएलबी) को मंजूरी मिलने के महज 24 घंटे के भीतर मंडल प्रशासन ने कर्मचारियों के खातों में बोनस की राशि भेज दी। मंडल के कुल 13,470 गैर-राजपत्रित रेलकर्मियों को 23 करोड़ 88 लाख 41 हजार 832 रुपये का भुगतान किया गया। बोनस की राशि खातों में पहुंचने से कर्मचारियों को त्योहार और घरेलू जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिली है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत इस बोनस के तहत पात्र रेलकर्मियों को उनके कार्य दिवसों के अनुपात में भुगतान किया गया। अधिकतम बोनस राशि 17,951 रुपये निर्धारित रही। कैबिनेट की मंजूरी के तुरंत बाद भुगतान की प्रक्रिया पूरी किए जाने से कर्मचारियों को राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। रेलवे में कर्मचारियों को मिलने वाला उत्पादकता आधारित बोनस उनके काम और योगदान से जुड़ा महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ माना जाता है।
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना के दिशा-निर्देश पर बोनस भुगतान की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया। इसमें कार्मिक विभाग और लेखा विभाग की अहम भूमिका रही। दोनों विभागों के बीच समन्वय और तत्परता के चलते बड़ी संख्या में कर्मचारियों के खातों में निर्धारित समय के भीतर राशि भेजना संभव हो सका। मंडल स्तर पर की गई इस कार्रवाई से भुगतान प्रक्रिया को समय पर पूरा करने पर जोर देखने को मिला।
डीडीयू मंडल के 13,470 रेलकर्मियों को कुल 23.88 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक लाभ पहुंचा है। खास बात यह रही कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के अगले ही दिन भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। रेलवे कर्मचारियों के लिए यह बोनस उनकी मेहनत के साथ-साथ परिवार की जरूरतों को पूरा करने में भी सहायक होगा।





















