बहराइच। दुधवा टाइगर रिजर्व में घूमने आने वाले पर्यटकों को राहत मिली है। यहां सफारी और प्रवेश शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पर्यटन से प्राप्त राजस्व 49 प्रतिशत बढ़कर 3.20 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि वर्ष 2024-25 में यह 2.15 करोड़ रुपये था। पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए हैं।
लखनऊ के पारिजात कक्ष में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन की छठी शासी निकाय की बैठक हुई। इसमें प्रदेश के टाइगर रिजर्व, वन्यजीव अभयारण्यों और प्राणि उद्यानों में सफारी व कमरों की ऑनलाइन बुकिंग के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित करने का निर्णय लिया गया। इससे पर्यटकों को बुकिंग की सुविधा एक ही मंच पर मिल सकेगी।
बैठक में स्थानीय लोगों को रोजगार देने और मुख्य वन क्षेत्रों पर पर्यटकों का दबाव कम करने के उद्देश्य से ‘बफर में सफर’ योजना शुरू करने पर भी सहमति बनी। इसके तहत बफर क्षेत्र में संचालित पंजीकृत वाहनों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। बैठक के दौरान दुधवा में गैंडों की स्थिति पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया गया। विधायक रोमी साहनी ने सुहेली नदी की सफाई का मुद्दा उठाया, जिस पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और इससे प्रभावित परिवारों की मदद करने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को प्रभावित परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में राज्यमंत्री केपी मलिक, विधायक रोमी साहनी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी, अनुराधा वैमुरी और विभागीय सचिव बी. चंद्रकला समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।





















