जौहर ट्रस्ट के चंदे और ट्रस्टियों की भूमिका की जांच, 494 करोड़ के निर्माण खर्च का भी हिसाब
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खां की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रामपुर जेल में उनसे करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान ट्रस्ट को मिले चंदे के स्रोत, कथित फर्जी दानदाताओं, डमी ट्रस्टियों और मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में हुए निर्माण कार्यों से जुड़े सवाल किए गए। जांच एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
चंदे के स्रोत और ट्रस्टियों की भूमिका पर सवाल
जानकारी के मुताबिक, ईडी की चार सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब नौ बजे रामपुर जेल पहुंची और पूछताछ शुरू की। करीब आठ घंटे की पूछताछ के बाद टीम शाम लगभग 4:30 बजे जेल से बाहर निकली।
जांच के दौरान एजेंसी ने यह जानने का प्रयास किया कि जौहर ट्रस्ट को अलग-अलग स्रोतों से कितनी धनराशि मिली, दान देने वाले लोगों की आर्थिक क्षमता क्या थी और प्राप्त रकम का इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। ट्रस्टियों की भूमिका, उनके अधिकारों और वित्तीय फैसलों में उनकी भागीदारी से जुड़े सवाल भी पूछे गए।
ईडी कथित फर्जी दानदाताओं और डमी ट्रस्टियों से संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने और आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने के बाद ही हो सकेगी।
जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण कार्य भी जांच के दायरे में
मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय में हुए निर्माण कार्य जांच का अहम हिस्सा हैं। एजेंसी सरकारी विभागों के बजट से कराए गए बताए जा रहे निर्माण कार्यों, उनके लिए धन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया और संबंधित वित्तीय निर्णयों की जानकारी जुटा रही है।
ईडी पहले ही आजम खां के करीबी बताए जाने वाले कुछ ठेकेदारों और चमरौआ से सपा विधायक नसीर अहमद खां से पूछताछ कर चुकी है। अब इन लोगों से मिली जानकारी और बयानों का आजम खां से पूछताछ के दौरान सत्यापन किए जाने की बात सामने आई है।
आयकर विभाग भी 494 करोड़ रुपये के निर्माण खर्च की कर रहा जांच
जौहर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की जांच में आयकर विभाग भी जुटा है। विभाग ने ट्रस्ट से बैंक खातों के लेनदेन, संपत्तियों में निवेश और 11 फर्मों से मिले दान से संबंधित दस्तावेज मांगे थे।
विभाग की मूल्यांकन रिपोर्ट के मुताबिक, जौहर विश्वविद्यालय के 59 भवनों की निर्माण लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी। आयकर विभाग ने वित्त वर्ष 2015-16 से 2019-20 तक के वित्तीय रिकॉर्ड और दान की प्रामाणिकता साबित करने वाले दस्तावेज भी तलब किए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट ने विभाग के नोटिसों का जवाब दिया है। हालांकि, विभाग उन जवाबों से संतुष्ट है या नहीं और इस संबंध में अंतिम निर्णय क्या हुआ है, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट नहीं है।
2019 में हुई थी शिकायत
जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों को लेकर वर्ष 2019 में शिकायत की गई थी। शिकायत में विश्वविद्यालय के निर्माण और ट्रस्ट से जुड़े लेनदेन में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद विभिन्न जांच एजेंसियों ने मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय गतिविधियों की पड़ताल की।
वर्ष 2022 में ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय में छानबीन की थी। बाद में शहर विधायक आकाश सक्सेना ने कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर एजेंसी से दोबारा कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ईडी और आयकर विभाग की जांच फिर चर्चा में आई।
अब्दुल्ला आजम से पूछताछ की संभावना
मामले की जांच के अगले चरण में आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम से पूछताछ किए जाने की संभावना जताई गई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक तारीख या समन की पुष्टि नहीं हुई है।
ईडी वित्तीय रिकॉर्ड, दानदाताओं के विवरण, निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।





















