गाजीपुर जिले की 373 विधानसभा सीट जखनिया से विधायक बेदी राम को लेकर एक मामले में जातिवादी राजनीति और SC-ST एक्ट के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं। आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि विधायक की पैरवी पर आपसी विवाद के मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले में विधायक का पक्ष सामने आना बाकी है।
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, विवाद के दौरान विधायक ने एक पक्ष की पैरवी की और प्रशासन पर दबाव बनाकर मुकदमा दर्ज कराया। शिकायतकर्ता पक्ष का दावा है कि मुकदमे में लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और इसके पीछे राजनीतिक द्वेष की भूमिका है। इन दावों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
आरोप लगाने वाले पक्ष ने दर्ज मुकदमे को निरस्त करने और पुलिस-प्रशासन पर कथित अनुचित दबाव रोकने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मुकदमे को फर्जी या कानून का दुरुपयोग घोषित करना उचित नहीं होगा।
इस मामले ने जखनिया की स्थानीय राजनीति में चर्चा तेज कर दी है। अब निगाहें पुलिस-प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के बयानों पर हैं। विधायक बेदी राम की प्रतिक्रिया और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।





















