गोरखपुर। लोक नृत्य और लोक संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रख्यात कलाकार सुगम सिंह शेखावत को वर्ष 2024 के प्रतिष्ठित ‘उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही उन्हें भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की जूनियर रिसर्च फैलोशिप (Junior Research Fellowship) भी प्राप्त हुई है। इस उपलब्धि पर गोरखपुर सहित पूरे कला जगत में खुशी का माहौल है।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में सुगम सिंह शेखावत ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुओं, परिवार और कला प्रेमियों को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत पुरस्कार नहीं, बल्कि लोक कला और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान है।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की लोक कला और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान और प्रोत्साहन मिला है।
सुगम सिंह शेखावत पिछले करीब 10 वर्षों से लोक कला और लोक नृत्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने विशेष रूप से वनटांगिया और मुसहर समुदाय की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया है। वे देश-विदेश के विभिन्न मंचों पर भी अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं।
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदर्शन कला के क्षेत्र में राज्य सरकार का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह सम्मान मिलने पर गोरखपुर के कलाकारों, सांस्कृतिक संगठनों और कला प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
15 जुलाई को होगा राष्ट्रीय नाट्य उत्सव
प्रेस वार्ता में सुगम सिंह शेखावत ने बताया कि वह युवा पीढ़ी को लोक कला से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी क्रम में 15 जुलाई 2026 को गोरखपुर में ‘राष्ट्रीय नाट्य उत्सव’ का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर के कलाकार भाग लेंगे।








