लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच यात्रा अब पहले से कहीं अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो गई है। 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (नेशनल एक्सप्रेसवे-6) का सोमवार को लोकार्पण कर जनता को समर्पित कर दिया गया। इसके शुरू होने से दोनों शहरों के बीच का सफर अब महज 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि पहले इसमें ढाई से तीन घंटे तक का समय लगता था।
करीब 1,648 दिनों में तैयार हुए इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। परियोजना की परिकल्पना वर्ष 2018 में की गई थी, जबकि मार्च 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी आधारशिला रखी थी।
दो पैकेजों में हुआ निर्माण
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस परियोजना को दो हिस्सों में पूरा कराया।
- पहला पैकेज: लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ क्षेत्र से जुड़ा करीब 18 किलोमीटर का एलिवेटेड सेक्शन।
- दूसरा पैकेज: करीब 45 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड सेक्शन, जो लखनऊ के 11 और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता है।
ग्रीनफील्ड सेक्शन का निर्माण वर्ष 2025 में पूरा हो गया था, जबकि 2026 में अंतिम निर्माण कार्य और ट्रायल रन के बाद एक्सप्रेसवे को संचालन के लिए तैयार किया गया।
एआई तकनीक और बिना रुके टोल भुगतान
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी आधुनिक तकनीक है। सड़क निर्माण में ऑटोमेटेड मशीन गाइडेड कंस्ट्रक्शन सिस्टम का उपयोग किया गया है, जिससे निर्माण की गुणवत्ता और सटीकता बेहतर हुई है।
एक्सप्रेसवे पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग सिस्टम लागू किया गया है। यहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं होंगे। वाहन 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से बिना रुके गुजर सकेंगे और फास्टैग व ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा।
यात्रियों को मिलेंगे कई फायदे
- लखनऊ से कानपुर का सफर 35–45 मिनट में पूरा होगा।
- ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
- ईंधन और समय दोनों की बचत होगी।
- बिना रुके डिजिटल टोल भुगतान की सुविधा मिलेगी।
- आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट से सड़क सुरक्षा बेहतर होगी।
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के सड़क बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने के साथ ही लखनऊ और कानपुर के बीच व्यापार, उद्योग और आवागमन को भी नई गति प्रदान करेगा।








