दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय शिक्षक संघ और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच विवाद एक बार फिर गहरा गया है। सोमवार को मांगों को लेकर शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. पूनम टंडन से वार्ता करने पहुंचा। वार्ता में मांगों पर सहमति नहीं बनने के बाद शिक्षकों ने कुलपति कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
आठ सूत्रीय मांगों को लेकर पहले भी हुआ था प्रदर्शन
शिक्षक संघ की ओर से बताया गया कि चार अगस्त को आठ सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन किया था। उस दौरान कुलपति की ओर से मांगों के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन को 10 अगस्त तक स्थगित कर दिया गया था। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों का आरोप है कि सोमवार को हुई वार्ता के दौरान पूर्व में दिए गए आश्वासनों पर विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख बदल गया। मांगों पर कोई ठोस सहमति नहीं बनने से शिक्षक नाराज हो गए और उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना शुरू कर दिया।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
धरने का नेतृत्व कर रहे शिक्षक संघ के महामंत्री डॉ. निरंकार राम त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों को लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक आठ सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी और मानसिक दबाव के बीच यदि आंदोलन के दौरान किसी शिक्षक के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचता है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
शिक्षकों के धरने के चलते विश्वविद्यालय परिसर में माहौल गरमाया हुआ है। शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सकारात्मक निर्णय होने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।






