विभिन्न दलों के नेताओं ने दिया समर्थन
रामसनेहीघाट से देवीगंज तक पुष्पवर्षा, आरती और अभिनंदन; गौ संरक्षण को राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनाने का लिया संकल्प
विनोद कुमार सिंह अंशु
बाराबंकी। परमधर्माधीश जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिषपीठाधीश्वर स्वामी श्री अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज द्वारा गौ माता के संरक्षण के उद्देश्य से संचालित 81 दिवसीय गविषि (गोरक्षार्थ-धर्मयु द्ध) यात्रा के बाराबंकी आगमन पर जिले के विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने यात्रा का समर्थन करते हुए गौ संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया।
नगर पंचायत रामसनेहीघाट क्षेत्र में छोटी हनुमानगढ़ी मंदिर, भिटरिया चौराहा और सरस्वती मैरिज लॉन में आयोजित स्वागत कार्यक्रमों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं तथा समाजवादी पार्टी के पदाधिकारियों ने पुष्पवर्षा कर जगद्गुरु शंकराचार्य का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का आयोजन पूर्व ब्लॉक प्रमुख संतोष वर्मा एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य अब्दुल्लाह शेर खान के नेतृत्व में हुआ, जबकि अध्यक्षता संतोष वर्मा ने की। इस अवसर पर सांसद तनुजा पुनिया सहित विमल कुमार जायसवाल, चखनलाल यादव, मनीष रावत, आलोक श्रीवास्तव, भानू वर्मा, भस्मा प्रसाद मिश्र, मिथिलेश गौतम, सुरेंद्र सिंह, विनय मिश्रा, अकील अहमद, नीरज मिश्रा, अजय शुक्ला, विकास वर्मा, पन्नालाल वर्मा, फतेह बहादुर वर्मा, शरीफ इदरीसी, रामफेर रावत सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
वहीं दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के देवीगंज चौराहे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद कुमार सिंह गोप ने क्षेत्रवासियों के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। उन्होंने आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा गौ माता के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे इस अभियान को अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण माध्यम है।
स्वागत कार्यक्रमों के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने गौ माता के संरक्षण और संवर्धन के लिए जनजागरण का संकल्प दोहराया। साथ ही गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिए जाने की मांग का समर्थन करते हुए इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए व्यापक जनसमर्थन जुटाने का आह्वान किया। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, जयघोष और आरती के माध्यम से शंकराचार्य का अभिनंदन किया, जिससे धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।








