संतों ने जताई नाराजगी
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और चोरी से जुड़े विवाद के बीच Arvind Kejriwal के अयोध्या दौरे और उनके बयानों को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे केजरीवाल ने पहले Hanumangarhi में पूजा-अर्चना की और इसके बाद Ram Mandir में दर्शन किए। उनके साथ Sanjay Singh भी मौजूद रहे।
अयोध्या दौरे के दौरान केजरीवाल ने राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि मामले में केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई हो रही है, जबकि प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि श्रद्धालुओं के चढ़ावे में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से यह भी अपील की कि किसी भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण न दिया जाए।
केजरीवाल के इन बयानों पर अयोध्या के संत समाज के कुछ प्रतिनिधियों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। Jagadguru Paramhans Acharya ने आरोप लगाया कि केजरीवाल का दौरा धार्मिक आस्था की अपेक्षा राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि धार्मिक विषयों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए और अयोध्या की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इसी क्रम में Sitaram Das ने भी केजरीवाल के आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए कहा कि ऐसे बयान राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से दिए जा रहे हैं और वे इसकी निंदा करते हैं।
उधर, राम मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामले की जांच विभिन्न एजेंसियों और विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जारी है। सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं विपक्षी दल जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।
यह विवाद धार्मिक आस्था, प्रशासनिक जवाबदेही और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के केंद्र में आ गया है, जिस पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।







