बिहार में कोसी-गंडक उफान पर
नई दिल्ली। मानसून की विदाई से पहले देश के कई राज्यों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में बारिश, भूस्खलन और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण चारधाम यात्रा स्थगित कर दी गई है, जबकि केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित हुई है। उत्तर प्रदेश में पिछले करीब दो दिनों से जारी भारी बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में 57 से अधिक लोगों की मौत की खबर है। बिहार में नेपाल के तराई क्षेत्र में भारी बारिश के कारण कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन, चारधाम यात्रा स्थगित
उत्तराखंड में शुक्रवार रात से कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण रास्ता बाधित हुआ है। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग खोलने में परेशानी आ रही है।
मौसम खराब होने के कारण प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए चारधाम यात्रा को 27 और 28 सितंबर के लिए स्थगित किया है। भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए हेली सेवाओं पर भी असर पड़ा है।
मौसम विभाग ने रविवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और हरिद्वार में रेड अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, चमोली, नैनीताल और रुद्रप्रयाग के लिए ऑरेंज अलर्ट है। अन्य कई जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी भी हुई है।
यूपी में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
उत्तर प्रदेश में पिछले 48 घंटे से कई इलाकों में भारी बारिश जारी है। लखीमपुर खीरी में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सीतापुर, बांदा और बहराइच समेत कई जिलों में भी भारी बारिश हुई है। बारिश और इससे जुड़े हादसों में प्रदेश में 57 से अधिक लोगों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है।
कई जिलों में जलभराव के कारण सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। तेज हवाओं और बारिश से पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है और कई स्थानों पर मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
मौसम विभाग ने 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य के लिए स्थानीय स्तर पर आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। कई जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा गया है।
बिहार में कोसी और गंडक का जलस्तर बढ़ा
बिहार में लगातार बारिश और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी वर्षा के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कोसी और गंडक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बराज पर गंडक नदी का जलस्राव 27 सितंबर की सुबह 4.16 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया। अधिकारियों के अनुसार शाम तक यह करीब 5 लाख क्यूसेक तक पहुंचने की आशंका है। बराज के सभी 36 गेट खोल दिए गए हैं।
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण समेत संबंधित जिलों में प्रशासन को सतर्क किया गया है। तटबंधों की निगरानी बढ़ाने और संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत-बचाव की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कोसी नदी में भी नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों से पानी आने के कारण दबाव बढ़ा है। भीमनगर बराज से 25 सितंबर





















