28 में से 19 सीटों के नतीजे, 11 पर भाजपा की जीत
कर्नाटक की चारों सीटें एनडीए के खाते में, बिहार में राजद ने भाजपा का गढ़ छीना; यूपी में भाजपा को पांच और सपा को तीन सीटें, दो पर मुकाबला जारी
नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद की 28 सीटों के चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने बढ़त बनाई है। बुधवार शाम तक 19 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके थे। इनमें 11 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को दो सीटें मिलीं। अन्य सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल (यूनाइटेड), जनता दल (सेक्युलर), शिवसेना और निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की। कांग्रेस चारों राज्यों में अपना खाता नहीं खोल सकी। हालांकि, मतगणना के दौरान कुछ सीटों पर नतीजे और रुझानों में बदलाव की स्थिति बनी रही।
चार राज्यों की 28 सीटों में उत्तर प्रदेश की 11, बिहार की आठ, कर्नाटक की चार और महाराष्ट्र की पांच सीटें शामिल हैं। कर्नाटक में भाजपा-जद(एस) गठबंधन ने चारों सीटें जीतकर कांग्रेस को बड़ा झटका दिया। वहीं, बिहार में पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र पर राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के पांच बार के विजेता नवल किशोर यादव को हराकर बड़ा उलटफेर किया।
यूपी में भाजपा-सपा के बीच सीधा मुकाबला
उत्तर प्रदेश की 11 सीटों में बुधवार शाम तक सात के परिणाम घोषित हो चुके थे। इनमें भाजपा ने पांच और सपा ने दो सीटें जीती थीं। भाजपा ने लखनऊ शिक्षक सीट पर उमेश द्विवेदी, मेरठ शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा, मेरठ स्नातक सीट पर दिनेश गोयल, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक सीट पर हरि सिंह ढिल्लों और आगरा स्नातक सीट पर मानवेंद्र प्रताप सिंह को जीत दिलाई। सपा के लाल बिहारी यादव ने वाराणसी शिक्षक, डॉ. आकाश अग्रवाल ने आगरा शिक्षक और डॉ. मान सिंह यादव ने इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर जीत दर्ज की।
लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह भाजपा के अवनीश कुमार सिंह से आगे चल रही थीं। वाराणसी स्नातक सीट पर भी सपा के आशुतोष सिन्हा बढ़त बनाए हुए थे। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने दूसरी वरीयता के मतों की गणना में निर्दलीय राजीव यादव को पीछे छोड़ दिया। इस सीट पर मतगणना को लेकर निर्दलीय प्रत्याशी ने गड़बड़ी के आरोप लगाए, जबकि सपा नेताओं ने भी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी।
बिहार में भाजपा को झटका
बिहार की आठ सीटों में छह के परिणाम घोषित होने की जानकारी सामने आई। पटना शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार ने भाजपा के नवल किशोर यादव को हराया। तिरहुत शिक्षक सीट भाजपा के नरेंद्र सिंह के खाते में गई, जबकि दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय विजयी हुए। सारण शिक्षक सीट पर निर्दलीय डॉ. राहुल राज ने जीत दर्ज की। पटना स्नातक सीट जद(यू) के नीरज कुमार और कोसी स्नातक सीट भाजपा के डॉ. एनके यादव ने जीती। तिरहुत स्नातक सीट पर निर्दलीय वंशीधर बृजवासी आगे थे, जबकि दरभंगा स्नातक सीट पर भाजपा के सर्वेश कुमार बढ़त बनाए हुए थे।
कर्नाटक में एनडीए का क्लीन स्वीप
कर्नाटक की चारों सीटें भाजपा-जद(एस) गठबंधन ने जीत लीं। बेंगलुरु शिक्षक सीट पर जद(एस) के एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के पुट्टन्ना को 908 मतों से हराया। उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट पर भाजपा के शशिल जी नामोशी, दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर केएम सुरेश और पश्चिम स्नातक सीट पर एसवी संकानूर विजयी हुए। कांग्रेस को किसी सीट पर सफलता नहीं मिली।
महाराष्ट्र में मुकाबला जारी
महाराष्ट्र की पांच सीटों में बुधवार शाम तक दो परिणाम घोषित होने की जानकारी थी। पुणे शिक्षक सीट भाजपा के कौस्तुभ गावड़े ने जीती, जबकि अमरावती शिक्षक सीट पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के किरण सरनाईक विजयी हुए। नागपुर स्नातक सीट पर भाजपा के सुधाकर कोहले और कांग्रेस के अभिजीत वंजारी के बीच मुकाबला जारी था। पुणे स्नातक सीट पर शरद पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की हर्षदा देशमुख जाधव और संभाजीनगर स्नातक सीट पर इसी गुट के डॉ. प्रतापसिंह पाटिल आगे चल रहे थे।
मोदी के गढ़ में भाजपा को झटका, बनारस में सपा का परचम
वाराणसी की शिक्षक एमएलसी सीट पर लाल बिहारी यादव की जीत, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की हार ने खींचा ध्यान
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद चुनाव के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज कर भाजपा को झटका दिया। वाराणसी को प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, ऐसे में यहां भाजपा की हार ने चुनावी नतीजों को खास चर्चा में ला दिया है।
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा की जीत को स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यह परिणाम बताता है कि विधान परिषद के चुनाव में शिक्षक मतदाताओं के बीच मुकाबला भाजपा और सपा के बीच कड़ा रहा। हालांकि, इस एक सीट के नतीजे को पूरे प्रदेश या प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के सभी मतदाताओं की राजनीतिक पसंद का संकेत मानना उचित नहीं होगा।
वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा की बढ़त की खबरें आई थीं, लेकिन अंतिम परिणाम की आधिकारिक पुष्टि के बिना उसे जीत घोषित नहीं किया जाना चाहिए।
बनारस में भाजपा की हार इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में विधान परिषद चुनाव का नतीजा है। फिर भी इसके राजनीतिक असर का आकलन करते समय निर्वाचन क्षेत्र, मतदाता वर्ग और अंतिम परिणामों को ध्यान में रखना जरूरी है।




















