बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में एंटी रोमियो टीम का अभियान, महिला हेल्पलाइन और सरकारी योजनाओं की दी जानकारी
चंदौली। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए चंदौली जिले में मिशन शक्ति फेज 6.0 के तहत जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में जिले के सभी थानों की पुलिस टीमें बाजारों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दे रही हैं।
अभियान के तहत एंटी रोमियो टीमों की ओर से महिलाओं और बालिकाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, निराश्रित महिला पेंशन योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी योजनाओं के बारे में बताया जा रहा है। पुलिसकर्मी उन्हें यह भी समझा रहे हैं कि किसी समस्या या संकट की स्थिति में उपलब्ध सहायता सेवाओं का लाभ कैसे लिया जा सकता है।
महिलाओं से जुड़े कानूनों की दी जानकारी
जागरूकता कार्यक्रमों में महिलाओं को घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम-2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम-2013 तथा दहेज निषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही गर्भधारण पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम के बारे में भी आमजन को जागरूक किया जा रहा है, ताकि महिलाओं के अधिकारों और उनके संरक्षण से संबंधित कानूनी व्यवस्थाओं की जानकारी लोगों तक पहुंच सके।
साइबर अपराधों से बचाव पर जोर
मिशन शक्ति अभियान के दौरान साइबर सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। महिलाओं एवं बालिकाओं को सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और साइबर अपराध की स्थिति में सतर्कता बरतने के उपाय बताए जा रहे हैं। इसके अलावा थानों में स्थापित मिशन शक्ति केंद्रों के उद्देश्यों, वहां उपलब्ध सेवाओं और सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
पुलिस का उद्देश्य जागरूकता के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग करना और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों को मजबूत करना है।





















