एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्ष 2020 में मुगलसराय थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा, अदालत ने सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
चंदौली, 28 अक्टूबर। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर चंदौली की अदालत ने मादक पदार्थ से जुड़े मामले में एक महिला को दोषी करार देते हुए कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या प्रथम, चंदौली की अदालत ने बुधवार को रुकसाना खातून उर्फ बेबी को नौ माह 26 दिन के कठोर कारावास और सात हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस के अनुसार, रुकसाना खातून उर्फ बेबी पत्नी सिकंदर बक्श, निवासी हनुमानपुर मुस्लिम महाल, थाना मुगलसराय के खिलाफ वर्ष 2020 में मुकदमा अपराध संख्या 337/20 दर्ज किया गया था। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत कार्रवाई की गई थी। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्ता को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
जुर्माना नहीं देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास
न्यायालय ने दोषी महिला पर सात हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस के मुताबिक, अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस ने बताया कि मामले में दोषसिद्धि और सजा सुनिश्चित कराने के लिए मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी (एडीजीसी) और मुगलसराय पुलिस ने प्रभावी पैरवी की। पुलिस ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत न्यायालय में मामलों की प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया।





















