बाराबंकी। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने मंगलवार को जिले में व्यापक जांच अभियान चलाया। औचक निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं मिलने पर पांच उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए, जबकि चार अन्य विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए एवं उर्वरक निरीक्षक देशराज ने नवाबगंज और फतेहपुर तहसील क्षेत्र के सद्दीपुर, सिहाली, मझगवां शरीफ समेत विभिन्न स्थानों पर 12 उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में मेसर्स श्री बालाजी बीज भंडार (बेरहरा), दीपक कृषि सेवा केंद्र (सद्दीपुर), ओम सांई कृपा खाद भंडार (दौलतपुर), वर्मा फर्टिलाइजर्स एंड पेस्टीसाइड्स (मझगवां शरीफ) तथा भूमि खाद भंडार (हजरतपुर) के प्रतिष्ठान बंद पाए गए। इस पर उनके उर्वरक विक्रय प्राधिकार-पत्र (लाइसेंस) तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
वहीं यशी ट्रेडर्स एवं आयुष खाद भंडार (सिहाली), शिव ट्रेडर्स (टेरा दौलतपुर) तथा राजेंद्र खाद भंडार (मझगवां शरीफ) में अभिलेख अद्यतन नहीं मिले। साथ ही रेट सूची और स्टॉक बोर्ड भी प्रदर्शित नहीं पाए गए, जिसके चलते संबंधित विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
इसी दौरान जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने जिले के थोक उर्वरक विक्रेताओं के साथ बैठक कर उर्वरकों की उपलब्धता और आपूर्ति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उर्वरकों की बिक्री निर्धारित एफओआर (FOR) दरों पर की जाए तथा किसी भी उर्वरक के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की अनिवार्य बिक्री (टैगिंग) न की जाए।
उन्होंने फुटकर विक्रेताओं को भी निर्देशित किया कि किसानों को पीओएस मशीन के माध्यम से उनकी फार्मर रजिस्ट्री और भूमि अभिलेख के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए।
जिला कृषि अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि कोई विक्रेता निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलते हुए, टैगिंग करते हुए या अन्य किसी प्रकार की अनियमितता करते पाया गया तो उसके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश-1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उर्वरक खरीदते समय पीओएस मशीन से ही उर्वरक प्राप्त करें, रसीद अवश्य लें और अधिक मूल्य वसूली, टैगिंग या रसीद न मिलने की स्थिति में उर्वरक कंट्रोल रूम (9116295764) पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।








