मुलायम-अखिलेश को मुस्लिम टोपी में दिखाने पर भड़के सपाई, एफआईआर की मांग; कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी
विनोद कुमार सिंह अंशु
बाराबंकी। शहर में मंगलवार को सामने आए विवादित होर्डिंग के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुस्लिम टोपी में दर्शाने वाले होर्डिंग हटाए जाने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने जिला कार्यालय से जुलूस निकालकर नगर कोतवाली का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने दोषियों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा जिलाध्यक्ष हाफिज अयाज ने कहा कि यह पहली घटना नहीं है, बल्कि तीसरी बार पार्टी के शीर्ष नेताओं की छवि धूमिल करने और जनता को गुमराह करने के उद्देश्य से इस तरह के विवादित होर्डिंग लगाए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से यह हरकत की गई है। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाराबंकी हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक रहा है, लेकिन कुछ शरारती तत्व जिले का सौहार्द बिगाड़ने की साजिश कर रहे हैं। राजनीतिक विरोध लोकतांत्रिक तरीके से किया जा सकता है, लेकिन इस तरह के भड़काऊ होर्डिंग लगाकर समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी।
सपा प्रतिनिधिमंडल ने नगर कोतवाल को ज्ञापन सौंपकर तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की। नेताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिला मुख्यालय जैसे संवेदनशील क्षेत्र में रातों-रात बड़े-बड़े होर्डिंग लग जाना और पुलिस को इसकी जानकारी तक न होना गंभीर चिंता का विषय है।
उल्लेखनीय है कि रविवार को बाराबंकी में आयोजित ज्योतिषपीठाधीश्वर एवं द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई नेता सक्रिय रूप से शामिल हुए थे। इसके दो दिन बाद विवादित होर्डिंग सामने आने से जिले का राजनीतिक माहौल गरमा गया है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है।








