लखनऊ। आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षकों के अंतरजनपदीय स्थानांतरण (इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर) की मांग को लेकर शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बेसिक शिक्षा निदेशक, उत्तर प्रदेश से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़े सुझावों को विस्तार से रखा।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे आलोक सिंह ने बताया कि आकांक्षी जिलों में लंबे समय से कार्यरत सामान्य शिक्षकों को भी अंतरजनपदीय स्थानांतरण का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में बड़ी संख्या में शिक्षक वर्षों से दूरस्थ जिलों में सेवाएं दे रहे हैं, जिससे उन्हें पारिवारिक और सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वरिष्ठता को बनाया जाए स्थानांतरण का आधार
प्रतिनिधिमंडल ने मांग रखी कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया में वरिष्ठता को प्रमुख आधार बनाया जाए। शिक्षकों का कहना है कि इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और न्यायसंगत होगी। जानकारी के अनुसार, इस सुझाव पर शिक्षा निदेशक ने सकारात्मक रुख दिखाया और सिद्धांततः सहमति जताई।
आकांक्षी जिलों में रिक्त पद भरने की मांग
बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि आगामी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में आकांक्षी जनपदों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए। प्रतिनिधिमंडल का तर्क था कि पर्याप्त संख्या में नियुक्तियां होने से स्थानांतरण प्रक्रिया को भी सुचारु रूप से लागू किया जा सकेगा और विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी।
इसी शैक्षणिक सत्र में स्थानांतरण की मांग
शिक्षक प्रतिनिधियों ने आग्रह किया कि सामान्य श्रेणी के शिक्षकों के स्थानांतरण भी वर्तमान शैक्षणिक सत्र में ही किए जाएं। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि प्रशासनिक आवश्यकता हो तो स्थानांतरित शिक्षकों को जनगणना कार्य पूरा होने के बाद कार्यमुक्त किया जा सकता है।
2018 और 2020 बैच के शिक्षकों का मुद्दा भी उठा
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि वर्ष 2018 और 2020 में आकांक्षी जनपदों में नियुक्त कई शिक्षकों को अब तक स्थानांतरण का अवसर नहीं मिल सका है। ऐसे शिक्षकों को प्राथमिकता देते हुए वरिष्ठता के आधार पर स्थानांतरण करने की मांग रखी गई।
शिक्षा निदेशक ने सुनीं समस्याएं
शिक्षकों के अनुसार, बेसिक शिक्षा निदेशक ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और कई बिंदुओं पर सकारात्मक विचार व्यक्त किया। साथ ही शिक्षकों की समस्याओं और आकांक्षी जनपदों में कार्यरत कार्मिकों की परिस्थितियों पर भी चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल में आलोक सिंह के साथ गुरचरण कौर, आशीष मिश्रा, शिवम शुक्ला और शिवपाल भी शामिल रहे। शिक्षकों ने उम्मीद जताई कि उनकी मांगों पर विचार करते हुए स्थानांतरण नीति में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे, जिससे लंबे समय से प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को राहत मिल सके।







