95 लोगों को बचाया, पांच लापता
काठमांडू। नेपाल में भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। गोरखा जिले में बाढ़ का पानी घरों और पुलों को बहा ले गया। इस आपदा में 45 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 27 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। पांच लोग अब भी लापता हैं, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। नेपाली सेना और बचाव दल अब तक 95 लोगों को सुरक्षित निकाल चुके हैं।
प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है। नेपाली सेना, सुरक्षा बलों और अन्य बचाव दलों को लापता लोगों की तलाश तथा राहत सामग्री पहुंचाने में लगाया गया है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के खतरे के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं।
हेलिकॉप्टर से निकाले गए फंसे लोग
नेपाली सेना के मुताबिक, गोरखा जिले की चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान जारी है। रविवार शाम उंगिलुंग नदी के पास धौलीभीर क्षेत्र में फंसे तीन लोगों को सेना के हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया। भूस्खलन के बाद ये लोग अपने मवेशियों को रखने के बाड़े के पास फंस गए थे। उन्हें हेलिकॉप्टर की मदद से फिलिम पहुंचाया गया।
रविवार शाम तक चार हेलिकॉप्टरों, जिनमें एक एमआई-17 हेलिकॉप्टर भी शामिल था, और जमीनी बचाव टीमों की मदद से कुल 95 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। राहत और बचाव कार्य में 700 से अधिक सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। इनमें नेपाली सेना के 171 जवान शामिल हैं।
पुल, जलविद्युत परियोजनाएं और वाहन भी क्षतिग्रस्त
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन से इलाके के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान हुआ है। दो झूला पुल और दो मोटर वाहन पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा तीन जलविद्युत परियोजनाओं और मवेशियों को रखने के 34 बाड़ों को नुकसान पहुंचा है।
आपदा में तीन वाहन भी बाढ़ के पानी में बह गए। 45 मकान पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 27 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। प्रशासन के सामने अब प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और उनके लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की चुनौती है।
प्रभावित परिवारों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित लोगों की सहायता के लिए तंबू, कंबल, गद्दे, स्लीपिंग बैग और रसोई में इस्तेमाल होने वाला सामान पहुंचाया जा रहा है। जिन परिवारों के घर तबाह हो गए हैं या जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है, उन्हें इन आवश्यक वस्तुओं के जरिए राहत देने की कोशिश की जा रही है।
बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और लगातार भूस्खलन की आशंका के कारण राहत कार्यों में सावधानी बरती जा रही है।
नेपाल में बार-बार आ रही प्राकृतिक आपदाओं से बढ़ी चिंता
नेपाल के हिमालयी क्षेत्रों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं एक बार फिर चिंता का विषय बन गई हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन के कारण कई बार नदियों और नालों का रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। इससे पानी जमा होने लगता है और रुकावट टूटने पर पानी तथा मलबा तेजी से नीचे की ओर बहता है। रास्ते में आने वाली बस्तियों, सड़कों और पुलों को इससे भारी नुकसान पहुंच सकता है।
गोरखा जिले की ताजा आपदा के बाद प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश, राहत सामग्री की आपूर्ति और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की स्थिति का आकलन प्राथमिकता बना हुआ है।





















