मैसूर: कर्नाटक के मैसूर से कार्यस्थल पर कथित मानसिक प्रताड़ना का एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां 42 वर्षीय महिला कर्मचारी की मौत के बाद बरामद बताए जा रहे सुसाइड नोट ने उसके कामकाजी माहौल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला ने कथित तौर पर अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर लगातार काम का दबाव बनाने और छुट्टी नहीं देने के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिनाकल के एक मार्ट में थी नौकरी
मृतका की पहचान नागेश्वरी के तौर पर हुई है। वह मैसूर के हिनाकल इलाके में स्थित एक मार्ट में प्रोडक्ट प्रमोटर के रूप में काम करती थी। बताया जा रहा है कि उसे PPMS एजेंसी के माध्यम से यह काम मिला था। परिजनों के मुताबिक, मौत से पहले करीब दो सप्ताह से नागेश्वरी काफी तनाव में थी। उसने घरवालों से कार्यस्थल पर सामने आ रही परेशानियों और वहां के व्यवहार को लेकर अपनी चिंता भी जाहिर की थी।
कथित नोट में 120 दिन तक छुट्टी नहीं मिलने का दावा
पुलिस के सामने आए कथित सुसाइड नोट में महिला ने अपने काम से जुड़े कई आरोपों का जिक्र किया है। इसमें उसने दावा किया कि उसे लगातार काम करना पड़ रहा था और करीब 120 दिनों तक एक भी साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया गया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि काम के दौरान ऐसी गलतियों के लिए भी उसे जिम्मेदार ठहराया जाता था, जिनसे उसका कोई लेना-देना नहीं था। कथित तौर पर उसने इमरजेंसी की स्थिति में छुट्टी लेने में भी परेशानी होने की बात कही थी।
सुपरवाइजर पर भी लगाए आरोप
कथित नोट में डॉली नाम की एक सुपरवाइजर का उल्लेख होने की बात सामने आई है। महिला ने आरोप लगाया कि काम की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठाने के बाद उसके साथ व्यवहार और खराब हो गया। परिजनों का कहना है कि लगातार तनाव और कथित दबाव का उसकी मानसिक स्थिति पर असर पड़ा। हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मां ने लगाई न्याय की गुहार
नागेश्वरी की मां रत्नाम्मा ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को कार्यस्थल पर छोटी-छोटी बातों को लेकर भी परेशान किया जाता था। उनका कहना है कि पिछले करीब 15 दिनों से बेटी काफी तनाव में थी और उसने घर पर भी नौकरी से जुड़ी परेशानियों के बारे में बताया था। परिवार ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस खंगाल रही पूरे मामले की कड़ियां
पुलिस के अनुसार, मामला मैसूर के विजयनगर थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जांच एजेंसियां महिला की मौत के कारणों के साथ-साथ कार्यस्थल पर लगाए गए कथित उत्पीड़न के आरोपों की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस सुसाइड नोट में किए गए दावों, परिवार के बयानों और महिला के कार्यस्थल से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह सामने आएगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं और महिला की मौत के लिए किसी की जिम्मेदारी तय होती है या नहीं।






